मंत्रालय में बैठे हैं विकास को रोकनेवाले अधिकारी – गडकरी 

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मुंबई- मंत्रालय में चूहा घोटाले को लेकर मचा सियासी घमासान अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने यह कहकर नई बहस छेड़ दी है कि विकास की दौड़ती गाड़ी में कील घुसाकर पंचर करनेवाले एकस्पर्ट महाराष्ट्र के मंत्रालय में बैठे हुए हैं। मंजूर कार्यो को नकारात्मक सुर देकर विकास के मार्ग में दिक्कतें निर्माण करनेवालों की मंत्रालय में कमी नहीं है।

सरकार द्वारा मंजूर किए गए कार्यो के लिए मंत्रालय से निधि प्राप्त करना, बेहद कठिन काम होता है। मंत्रालय में बैठे अधिकारी प्रत्येक काम में केवल नकारात्मक सोच रखते हैं, जिसके कारण विकास का दौड़ता पहिया पंचर हो जाता है – गडकरी

प्रदेश की उपराजधानी नागपुर में नए पुलिस भवन के भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गडकरी ने मंत्रालय के अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद थे। गडकरी ने कहा कि सरकार द्वारा मंजूर किए गए कार्यो के लिए मंत्रालय से निधि प्राप्त करना, बेहद कठिन काम होता है। मंत्रालय में बैठे अधिकारी प्रत्येक काम में केवल नकारात्मक सोच रखते हैं, जिसके कारण विकास का दौड़ता पहिया पंचर हो जाता है। गडकरी ने यह कहते हुए मुख्यमंत्री और नागपुर के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले का अभिनंदन किया कि उन्होंने नागपुर में अत्याधुनिक पुलिस भवन के निर्माण के लिए मंत्रालय से धनराशि लाने का कठिन काम किया है। गडकरी ने बताया कि दुर्घटनामुक्त जिला और शहर बनाने के लिए सड़क के चिन्हित स्थानों के मरम्मत के काम को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके लिए केंद्र सरकार ने सांसदों की अध्यक्षता में स्वतंत्र समिति बनाई है। वाहनों से होनेवाले प्रदुषण को रोकने के लिए डीजल और पेट्रोल की गाड़ियों के बजाए इथेनॉल, बायो डीजल और इलेक्ट्रिक पर चलनेवाले वाहनों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

अपराधियों को पकड़ने सीसीटीएनएस तकनीक

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस दल की सक्रियता बढ़ाने के साथ ही अपराधियों की खोज के लिए हर जरूरी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। बेहद  आधुनिक सीसीटीएनएस सुविधा ई-शिकायत पंजीकरण सेवा शुरू करनेवाला महाराष्ट्र देश का पहला राज्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक का प्रभावी इस्तेमाल करके अपराधियों को खोजने के लिए “क्राइम एंड क्रीमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स” (सीसीटीएनएस) तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। जनता घर बैठे पुलिस स्टेशन में अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है। शहर के प्रत्येक चौक-चौराहों पर पुलिस की तीसरी आंख सीसीटीवी कैमरे बिठाए गए हैं। इससे ट्रॉफिक व्यवस्था पर भी नजर रखी जा रही है। मुंबई में नियम तोड़नेवाले 5 लाख लोगों को ई-चालन उनके घर भेजा गया है।

तीन साल में भरे गए 30 हजार पद 

मुख्यमंत्री ने बताया कि मुंबई में कई पुलिस स्टेशनों में पुलिसवालों के लिए 8 घंटे की ड्यूटी का प्रयोग शुरू किया गया है। पुलिसवालों की नियमित स्वास्थ्य जांच के साथ ही परिवार के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार पिछले तीन सालों में पुलिस दल में बड़े पैमाने पर भर्ती की गई है। केवल कुछ विभागों में भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाई गई थी, परंतु भर्ती पर कभी पाबंदी नहीं लगाई गई। पिछले तीन वर्षों में 30 हजार पुलिसवालों के पद भरे गए हैं। आवश्यकतानुसार पुलिस भर्ती का सर्वाधिकार पुलिस प्रमुखों को दिया गया है। पुलिसवालों के घर के मसले का हल जल्द निकाला जाएगा। उन्हे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर दिया जाएगा।

 

राज्य का सबसे बड़ा पुलिस मुख्यालय 

नागपुर में जल्द 89 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस आलिशान पुलिस मुख्यालय बनेगा। यह राज्य का सबसे बड़ा पुलिस मुख्यालय होगा। मुख्यालय की इमारत 6 मंजिला होगी। पुलिस भवन का मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री गडकरी ने रविवार को भूमिपूजन किया। यह ग्रामीण और शहरी पुलिस दल दोनों का मुख्यालय होगा। नागपुर सिविल लाइन परिसर के पुलिस आयुक्त कार्यालय की जमीन में यह मुख्यालय बनेगा। भूमीपूजन समारोह में महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक सतीश माथूर सहित आला अधिकारी मौजूद थे।

 

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