बनी रहे भाजपा-शिवसेना की दोस्ती – गडकरी

Download PDF
मुंबई- भाजपा और शिवसेना में चल रही खींचतान के बीच केंद्रीय परिवहन मंत्री नितीन गडकरी ने कहा है दोनों दलों का गठबंधन बरकरार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियां हिदुत्व के मुद्दे पर एक साथ आई हैं। दोनों दलों की लंबी मित्रता आगे भी बनी रहनी चाहिए। दोनों दलों के बीच चल रही खटास को दूर करने के लिए क्या वे मध्यस्तता करेंगे। इसके जवाब में गडकरी ने स्पष्ट किया कि यदि पार्टी नेतृत्व का निर्देश मिलता है तो वे शिवसेना से अवश्य बातचीत करेंगे। गडकरी ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि नेहरू-गांधी परिवार जो काम 48 साल में नहीं कर सका, हमने 48 महीने में कर दिखाया है।
देश में नेहरू गांधी परिवार की सरकार 48 साल थी। उस काल में हुए विकास काम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 48 महीने के कार्यकाल में हुए काम की तुलना जनता करे। तुलना करने पर पता चलेगा कि नेहरू गांधी परिवार जो काम 48 साल में नहीं कर सका, उतना काम हमने 48 महीने में करके दिखा दिया है – गडकरी
गडकरी मंगलवार को मुंबई में प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने मोदी सरकार की चार साल की उपलब्धियां गिनाई। गडकरी ने कहा कि देश में नेहरू गांधी परिवार की सरकार 48 साल थी। उस काल में हुए विकास काम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 48 महीने के कार्यकाल में हुए काम की तुलना जनता करे। तुलना करने पर पता चलेगा कि नेहरू गांधी परिवार जो काम 48 साल में नहीं कर सका, उतना काम हमने 48 महीने में करके दिखा दिया है। गडकरी ने कहा कि मोदी सरकार के 48 महीने के कार्यकाल में बहुत बड़ा सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन हुआ है। सरकार के कार्यो से करोड़ो लोगों के जीवन में अच्छा बदलाव आया है। मुफ्त गैस कनेक्शन की उज्जवला योजना, जनधन योजना और प्रत्येक परिवार को मेडिकल ईलाज के लिए पांच लाख रुपए तक की आयुष्मान भारत योजना जैसी कई योजनाएं मोदी सरकार ने लाई है।
भाजपा और शिवसेना के बीच चल रहे मनमुटाव के संबंध में पूछे जाने पर गडकरी ने कहा कि भाजपा और शिवसेना का रिश्ता मेरा तुम्हारा जमे ना और तुम बिन रहा न जाए रे जैसा है। उनका नीजि मत है कि दोनों दलों का गठबंधन आगे भी बना रहे। शिवसेना ने अपने दम पर चुनाव लड़ने का एेलान किया है, क्या आप दोनों दलों को साथ लाने में मध्यस्तता करेंगे। इसके जवाब में गडकरी ने कहा पार्टी नेतृत्व का निर्देश आने पर वे शिवसेना से बातचीत करेंगे। गडकरी ने कहा कि दिल्ली में होने से मराठी अखबार पढ़ने कम मिलता है। मौजूदा समय में देश में परिवहन क्षेत्र में बड़ी-बड़ी परियोजनाओं का काम शुरू है। देश में कई सड़को, महामार्ग और पुलो का निर्माणकार्य हो रहा है। लिहाजा अन्य मुद्दों पर ध्यान देने के लिए समय नहीं मिलता। लेकिन भाजपा-शिवसेना की युति बनी रहनी चाहिए। शिवसेना हमारा सबसे पुराना मित्र दल है।
साम,दाम,दंड,भेद वाली ऑडियो क्लीप के मामले में गडकरी ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का खुलकर बचाव किया। उन्होंने कहा कि वे फडणवीस को बचपन से जानते हैं। वे आपत्तिजनक बातें नहीं कह सकते, उनका वैसा स्वाभाव नहीं हैं। वे संस्कारी हैं। साम,दाम,दंड,भेद का उपयोग करो इसका अर्थ होता है पूरी ताकत लगा दो। पालघर और भंडारा-गोंदिया संसदीय सीट के उपचुनाव में ईवीएम मशीनों में खराबी के मामले में गडकरी ने कहा कि इस पर चुनाव आयोग को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। ईवीएम मशीन और वीवीपैट में खराबी कैसे आई, इस संबंध में चुनाव आयोग को स्पष्ट करना चाहिए। हालांकि विपक्ष के आरोपों को दरकिनार करते हुए गडकरी ने सवाल उठाया कि पंजाब में कांग्रेस जीती तो ईवीएम मशीन सही है और उत्तर प्रदेश में पराजय मिली तो गड़बड़ी कैसे हो सकती है।
पेट्रोल-डीजल की महंगी कीमतों के संबंध में गडकरी ने कहा कि अंतराष्ट्रीय बाजार के आधार कीमतें बढ़ती-घटती रहती हैं। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ रहे हैं, तो दूसरी ओर आलू, प्याज, टमाटर कीमतें कम हो रही हैं। गडकरी ने कहा कि जब मैं भाजपा का अध्यक्ष तब पेट्रोल-डीजल की बढ़ती दर को लेकर यूपीए सरकार के विरोध में कई आंदोलन किए गए थे। इसका कारण यह था कि तब हम विपक्ष में थे। गडकरी ने कहा कि हमने इंधन पर सब्सिडी बंद कर दी। अनेक विकास कार्यों पर पैसे खर्च किए जा रहे हैं। अब हम जैविक ईंधन, इलेक्ट्रिक वाहन की नीति लाने जा रहे हैँ। पेट्रोलियम मंत्रालय पांच बड़े इथेनाल प्लांट बना रहा है। सस्ता और पर्यावरण पूरक ईंधन हम भारत में ही तैयार करेंगे। इथेनाल और इलेक्ट्रिक वाहनों से ईंधन के कीमतें कम होंगी। इसके अलावा ईंधन यदि जीएसटी में आ गया तो उसके दाम कम होंगे। इस संबंध में मुख्यमंत्री फडणवीस ने भी मांग की है। जीएसटी काउंसिल की बैठक में इस पर फैसला हो सकता है।
प्रणव मुखर्जी के आरएसएस के कार्यक्रम में शामिल होने के मामले पर गडकरी ने कहा कि मुर्खजी के कार्यक्रम में शामिल होने पर किसी को क्या आपत्ति हो सकती है। जिसे आना-जाना है, वह उनका मसला हो सकता है। मुझे यैसा लगता है एक-दूसरे से मेल-मिलाप होना चाहिए। संघ कोई पाकिस्तान का संगठन नहीं है। यह हमारे भारत देश का ही संगठन है। यदि मुखर्जी आते हैं, तो हम उनका स्वागत करेंगे। इस दौरान गडकरी ने बताया कि नागपुर में यैसे मकान बनाए जा रहे हैं, जिसे भिखारी भी खरीद सकते हैं। इन घरों में गरम पानी से लेकर सोफा-बेड मुफ्त में दिया जाएगा। इन मकानों की कीमत केवल साढ़े 3 लाख रुपए होगी।
Download PDF

Related Post