मराठा आरक्षण पर सरकार की लेटलतीफी मंजूर नहीं- विपक्ष  

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मुंबई- विधानसभा में विपक्ष के नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल ने शनिवार को विधानभवन में बुलाई गई सर्वदलीय बैठक को राज्य सरकार की विलंब से सूझी सद्धबुद्धि करार दिया है।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष से मदद मांगी !

विखे पाटिल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राज्य में  शांति स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री ने विपक्ष से मदद मांगी। इस पर सरकार को पूरा सहयोग करने की हमारी तैयारी है। परंतु आरक्षण लागू करने की गई देरी पर विपक्ष संतुष्ट नहीं हुआ है । मराठा आरक्षण लागू करने पर सरकार तत्काल ठोस कदम उठाए। हमने बैठक में ध्यान दिलाया कि राज्य पिछड़ा आयोग रिपोर्ट जल्द से जल्द तैयार करे, इसके लिए राज्य सरकार ने कोई प्रयास नहीं किया। आरक्षण पर चर्चा कराने के लिए विशेष सत्र बुलाने की मांग हमने की। मराठा आंदोलन में शामिल बेगुनाहों पर धारा 353 और 307 के तहत आपराधिक मामला दर्ज करके गिरफ्तार किए जाने का मुद्दा हमने बैठक में उठाया। उपद्रवियों को छोड़कर राज्य सरकार ने अन्य आंदोलनकारियों पर दर्ज मामले वापस लेने की मांग को स्वीकार कर लिया है।

विखे पाटिल ने बताया कि मराठा आरक्षण के संबंध में अगली रणनीति तय करने के लिए 30 जुलाई को विधान मंडल के दोनों सदनों के कांग्रेस सदस्यों की बैठक बुलाई गई है। विखे पाटिल के नेतृत्व में होनेवाली इस बैठक में राज्य की मौजूदा परिस्थितियों पर चर्चा होगी और पार्टी की अगली भूमिका  स्पष्ट की जाएगी।

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