20 अधिकारियों खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश! 

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मुंबई-  विधान परिषद में सभापति रामराजे निंबालकर ने परभणी के अनाज घोटाले में लिप्त 20 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। इसमें जिला आपूर्ति से लेकर नायाब तहसीलदार तक शामिल हैं। रसद राज्यमंत्री रवींद्र चव्हाण ने अनाज घोटाले में शामिल सभी 20 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की हामी भरी है।
दोषी 20 अधिकारियों और  कर्मचारियों के खिलाफ  एफआईआर दर्ज किया जाएगा। इस मामले की जांच मुंबई के आपूर्ति निदेशालय के दस्ते से विभागीय जांच कराई जाएगी – चव्हाण
सदन में नेता प्रतिपक्ष धनंजय मुंडे ने इस संबंध में प्रश्नकाल में मुद्दा उठाया था। मुंडे ने कहा कि 4 करोड़ 97 लाख 69 हजार रुपए के अनाज घोटाले में परभणी के गोदाम पालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। लेकिन करोड़ों रुपए का घोटाला केवल एक  कर्मचारी नहीं कर सकता। घोटाले में शामिल जिला आपूर्ति अधिकारी से लेकर नायब तहसीलदार तक सभी के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए। इसके जवाब में राज्यमंत्री रवींद्र चव्हाण ने कहा कि सभी 20 अधिकारियों और  कर्मचारियों के खिलाफ  एफआईआर दर्ज किया जाएगा। इस मामले की जांच मुंबई के आपूर्ति निदेशालय के दस्ते से विभागीय जांच कराई जाएगी। चव्हाण ने कहा कि यह जांच 6 महीने में पूरी की जाएगी। जांच के बाद दोषी अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
राज्यमंत्री ने कहा कि परभणी के जिलापूर्ति अधिकारी संतोष वेणीकर, तहसीलदार लक्ष्मण मुंजाल, नायब तहसीलदार लक्ष्मण धस, नायब तहसीलदार चित्रा देशमुख, नायब तहसीलदार एमजी मिसाल, तहसीलदार आसाराम छडीदार, नायब तहसीलदार मिलिंद गायकवाड, तहसीलदार पांडुरंग माचेवाड, नायब तहसीलदार महादेव सुरवसे, तहसीलदार जिवराज डापकर,  तहसीलदार अविनाश शिंगटे, तहसीलदार जीडी वलवी,  तहसीलदार देवीदास गाढे, उपजिलाधिकारी सुभाष नामदेव शिंदे, उपजिलाधिकारी रामेश्वर रोडगे,  तहसीलदार राहुल गायकवाड, जिला आपूर्ति अधिकारी दिलीप कच्छवे,  तहसीलदार संतोष रुईकर, नायब  तहसीलदार सी बी पांचाल, गोदापमाल आंबेराव के खिलाफ विभागीय जांच की जाएगी।
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