हिमांशु रॉय की आत्महत्या से मुंबई पुलिस सकते में

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 मुंबई- महाराष्ट्र पुलिस के एडीजी रैंक के तेज-तर्रार अफसर हिमाशुं रॉय ने अपने घर में अपनी सर्विस रिवाल्वर से खुद को गोली मार ली। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।  हिमांशु रॉय एक झुझारू पलीस ऑफ़िसर थे. वो ए.डी.जी. रैंक के अधिकारी थे. स्वर्गीय रॉय ने कई जटिल क्रिमे के मसले सुलझाए थे. अपराधियों में उनका ख़ौफ़ था. हिमांशु रॉय द्वारा आत्महत्या किए जाने से मुंबई का पुलिस महकमा सकते में है. प्रदेश और मुंबई पुलिस दल में कई महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके थे. हिमांशु रॉय के निधन पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने शोक जताया है.
आईपीएस अधिकारी हिमांशु रॉय के आकास्मिक निधन पर राज्यपाल सी. विद्यासागर राव और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दुख जताया है। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा है हमने एक सक्षम अधिकारी खो दिया है।
हिमांशु रॉय ने मुंबई स्थित अपने घर में शुक्रवार दोपहर करीब 1.30 बजे अपनी सर्विस रिवॉल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली. 55 वर्षीय रॉय की छवि एक सख्त अधिकारी की थी. उन्होंने कई हाई प्रोफाइल मामलों की जांच में अहम भूमिका निभाई थी.

राज्यपाल ने हिमांशु रॉय की मृत्यू पर गहरी पीड़ा व्यक्त की है। राज्यपाल ने कहा है रॉय एक ईमानदार पुलिस अधिकारी थे। वे पुलिस विभाग की ताकत थे। आपराधिक जांच में वे माहिर थे। उन्होंने अपनी सेवा के दौरान प्रत्येक पदों पर उल्लेखनीय कार्य किया। रॉय के आकास्मिक निधन से राज्य पुलिस को भारी नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि दिवंगत रॉय ने पुलिस दल में विभिन्न महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते हुए कई अहम मामलों को सुलझाया। वे एक साहसिक अधिकारी के तौर पर जाने जाते थे। उनके निधन से हमने एक होनहार अधिकारी को खो दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रॉय के निधन से पुलिस विभाग को क्षति पहुंची है।
महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री जयंत पाटिल के मुताबिक गुरुवार को जब उनकी मुलाकात हिमांशु से जिम में हुई तो उन्हें बिलकुल अंदाजा नहीं था कि ये उन दोनों की आखिरी मुलाकात होगी.  साल 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी हिमांशु रॉय लंबे वक्त से कैंसर से पीड़ित थे और साल 2016 से वे मेडिकल लीव पर थे. फिलहाल वे मुंबई पुलिस में एडिशनल डायरेक्टर जनरल (एडीजी) थे. वे महाराष्ट्र के एंटी-टेरर स्क्वायड (एटीएस) के प्रमुख भी रह चुके थे.

अपने कड़क रुख के लिए पहचाने जाने वाले हिमांशु रॉय की आत्महत्या के पीछे की वजह अभी साफ नहीं हो पाई है, लेकिन बताया जा रहा है कि लंबे समय से बीमारी के चलते वे डिप्रेशन के शिकार हो गए थे.

हिमांशु रॉय की आत्महत्या पर महाराष्ट्र के गृहमंत्री दीपक केसरकार ने मीडिया से कहा, ”वे पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे, मैं उनकी मौत की खबर सुनकर हैरान हूं. यह मुंबई पुलिस के लिए भी झटका है. वे इस तरह हार मानने वाले अधिकारी नहीं थे.”

हिमांशु रॉय ने कई चर्चित मामलों की जांच की थी. उन्होंने साल 2013 के आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग केस को सुलझाने में अहम भूमिका अदा की थी. आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में दारा सिंह के बेटे बिंदू दारा सिंह को भी उन्होंने गिरफ्तार किया था. इसके अलावा दाऊद की संपत्ति को जब्त करने के अभियान में उनकी प्रमुख भूमिका थी, साथ ही अंडरवर्ल्ड की कवरेज करने वाले चर्चित पत्रकार जेडे की हत्या की गुत्थी को भी उन्होंने सुलझाने में अहम भूमिका निभाई थी.

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