उपकरणों का फिर से इस्तेमाल करनेवाले अस्पतालों पर होगी कार्रवाई

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मुंबई- मेडिकल उपचार में उपयोग में लाए जा चुके उपकरणों को जरूरतमंद मरीजों पर फिर से इस्तेमाल कर उनके जीवन के साथ खिलवाड़ करने वाले अस्पतालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। यह घोषणा मंगलवार को विधान परिषद में एफडीए मंत्री राज्यमंत्री मदन येरावार ने की। 
एफडीए ने ऐसे अस्पतालों की जांच के लिए स्वतंत्र मुहिम शुरू की है। जांच में जो अस्पताल दोषी पाए गए हैं, उनके खिलाफ 18 (सी) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। न्यायालय में इन मामलों की सुनवाई चल रही है।
एनसीपी के जयवंतराव जाधव ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत कई निजी अस्पतालों में एंजियोप्लास्टी के दौरान पहले से इस्तेमाल किए गए उपकरण को फिर से इस्तेमाल में लाए जाने का मसला उठाया। जाधव ने आरोप लगाया कि मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। कांग्रेस के जगन्नाथ शिंदे और शिवसेना की नीलम गोर्हे ने सवाल पूछे। सदस्यों ने कहा कि इस गोरखधंधे में कई बडे निजी अस्पताल शामिल हैं।  सरकार ऐसे अस्पतालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे और जरूरतमंदों को इलाज की सुविधा न देनेवाले अस्पतालों की दी जानेवाली सरकारी सहुलियतें बंद कर दी जाएं।  
 
इसके जवाब में येरावार ने कहा कि एफडीए ने ऐसे अस्पतालों की जांच के लिए स्वतंत्र मुहिम शुरू की है। जांच में जो अस्पताल दोषी पाए गए हैं, उनके खिलाफ 18 (सी) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। न्यायालय में इन मामलों की सुनवाई चल रही है। येरावार ने कहा कि किसी भी अस्पताल में 10 प्रतिशत कोटे के तहत कितने बेड उपलब्ध है , इसकी जानकारी ऑनलाइन दी जा रही है। अस्पताल में लोगों की सुविधा के लिए स्वास्थ्य सेवक की नियुक्ति अनिवार्य कर दी गई है। येरावार ने कहा कि जो अस्पताल नियमानुसार गरीब रोगियों का इलाज नहीं करेंगे , उनकी सरकारी सुविधाओं को खत्म कर दिया जाएगा। 
कल्याण डोंबिवली में तीन नई कचरा प्रबंधन परियोजना 
मुंबई-  कल्याण डोंबिवली मनपा में कचरा प्रबंधन के लिए 700 टन क्षमता की तीन नई परियोजना को मंजूरी दी गई है। परियजोना के लिए  183 करोड़ रूपए की निधि मंजूर की गई है। यह जानकारी मंगलवार को विधान परिषद में नगर विकास राज्यमंत्री रणजीत पाटिल ने दी। 
 
 जगन्नाथ शिंदे और अन्य सदस्यों ने कल्याण – डोंबिवली मनपा के आधारवाडी डंपिंग ग्राउंड के कारण हो रही स्वास्थ्य समस्याओं को ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत उठाई थी। शिंदे ने कहा कि आधारवाडी डंपिंग ग्राउंड में शहर का पूरा कचरा फेंका जाता है। वहां जमा होने वाले कचरे से स्थानीय लोगों को बड़े पैमाने पर स्वास्थ्य समस्या हो रही है। इस पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। इसके जवाब में पाटिल ने कहा कि  डंपिंग ग्राउंड में लगानेवाली आग और उस भूखंड पर होनेवाले अतिक्रमण की जांच कराई जाएगी। पाटिल ने कहा कि डंपिंग ग्राउंड को लेकर सरकार सकारात्मक विचार कर रही है। कचरा प्रबंधन के लिए डेढ़ हजार करोड़ रूपए सरकार खर्च करनेवाली है। 
 
पाटिल ने कहा कि केडीएमसी के आधारवाडी डंपिंग ग्राउंड के विकल्प के तौर पर तीन नई परियोजना को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं का प्रस्ताव और खाका तैयार है। पर्यवरण विभाग के पास मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। पर्यावरण विभाग की अनुमति मिलते ही परियोजनाओं का निर्माणकार्य शुरू किया जाएगा। 
फेरी लगानेवाले खाद्य पदार्थ विक्रेताओं को सरकार देगी प्रशिक्षण
मुंबई- सड़कों किनारे और फुटपाथ पर खाद्य पदार्थ बेचनेवाले फेरीवालों को राज्य सरकार प्रशिक्षण देगी। इसके लिए अन्न व औषधि प्रशासन विभाग (एफडीए) और नेस्ले इंडिया के साझे में ‘सर्व सेफ फूड’ योजना की शुरूआत की गई है। इस योजना के तहत सड़क पर खाद्य पदार्थ बेचनेवालों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। 
 
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को विधानभवन परिसर में मोबाइल वैन और एफडीए के नए वाहनों का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर खाद्य पदार्थ बेचनेवालों की नई पोसाख का भी अनावरण किया। एफडीए और नेस्ले इंडिया के माध्यम से नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रिट वेंडर्स (नास्वी) के सहयोग से प्रदेश के तकरीबन 3 हजार 600 खाद्य पदार्थ विक्रेताओं को अच्छा, साफ-सुथरा और स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थ बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। खाद्य वस्तुएं बेचनेवालों का जीवनस्तर बढ़ाने के मकसद से इस योजना के माध्यम से प्रयास किया जाएगा। सर्व सेफ फूड के अंतर्गत देश के पांच हजार विक्रेताओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छे स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थ के लिए विक्रेताओं को प्रशिक्षण देना जरूरी। इसके लिए फुटपाथ और सड़कों किनारे खाद्य पदार्थ बेचनेवालों को प्रशिक्षण देने के लिए मोबाइल वैन कारगर साबित होगी। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण के लिए आगे आने पर एफडीए और नेस्ले इंडिया का अभिनंदन किया। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष हरीभाऊ बागडे, अन्न व औषधि प्रशासन मंत्री गिरीश बापट, राज्यमंत्री मदन येरावार, एफडीए आयुक्त पल्लवी दराडे और नेस्ले इंडिया की निदेशक स्वाति पिरामल सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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