बाणगंगा सरोवर में मॄत पाई गई मछलियां 

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मुंबई-  भुलेश्वर स्थित ऐतिहासिक महत्व के पवित्र बाणगंगा सरोवर में हजारों की संख्या में मरी मछलियां उतराती पाई गई हैं। इतनी ज्यादा संख्या में मछलियों के मरने की वजह क्या है, इसका पता नहीं चल सका है। हालांकि प्राथमिक अनुमान है कि प्रदूषण के कारण मछलियां मरी हैं।

प्रदूषण के कारण मछलियां मरी

बाणगंगा तालाब पर पितृ तर्पण के लिए लाखों लोग  जुटते है । अनुमान है कि प्रदूषण के कारण सरोवर का जल दूषित हुआ है। आक्सीजन की कमी होने से मछलियां मर गई हैं। जो बची हैं वह पानी की उपरी सतह पर तड़पती देखी गई।  इतनी बड़ी संख्या में मछलियां मॄत पाए जाने की सूचना मिलने पर  प्रदुषण नियंत्रण विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर सरोवर के जल के नमूने लिए हैं। सरोवर के सफाई का काम जारी है। हर साल की भांति इस वर्ष भी पितृ तर्पण के दिन विशेष व्यवस्था की गई थी। बावजूद इसके मछलियों के मरने का कारण क्या है, इस पर रहस्य बना हुआ है। जांच के बाद कारणों का पता चल सकेगा।
इससे पहले भी पितृपक्ष के समापन के बाद बाणगंगा सरोवर से हर साल करीब 5 से 7 ट्रक मरी हुई मछलियां निकाली जाती थीं। तर्पण के दौरान श्रद्धालु सरोवर में आटा- घी और पूजन सामग्री अर्पित करते हैं, जिससे पानी पर तैलीय परत का आवरण बन जाने के कारण पानी में ऑक्सीजन प्रवाहित नहीं हो पाती। जिससे मछलियां मर जाती थी। वर्ष 2014 से स्थानीय विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा की पहल से मछलियों के जीवन को बचाए रखने के लिए वहां छोटे छोटे कृत्रिम सरोवर बनाकर पितृ तर्पण की विशेष व्यवस्था की जाती रही है।
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