राकांपाईयों के हत्याकांड की एसआईटी जांच कराने की मांग 

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 मुंबई- अहमदनगर जिले के जामखेड में हुए दो एनसीपी कार्यकर्ताओं की हत्या का मामला तूल पकड़ने लगा है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष दिलीप वलसे पाटिल ने मामले की एसआईटी जांच कराने और जिले के पालकमंत्री राम शिंदे का इस्तीफा मांगा है।
बीते दिनों पार्टी कार्यकर्ता राकेश रावेभात और योगेश रावेभात की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पाटिल ने प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए बताया कि जामखेड ग्रामीण अस्पताल में डॉक्टर नहीं हैं। ईलाज के लिए लोगों को अहमदनगर जाना पड़ता है। इसीकारण इलाज में विलंब होने से कार्यकर्ताओं की मृत्यू हो गई।
पाटिल नें मंगलवार को जामखेड जाकर मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। वलसे पाटिल ने घटना के मास्टर माइंड की खोज कर उसे तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की है। पाटिल ने भरोसा दिलाया कि मृतक कार्यकर्ताओं के एक आश्रित को नौकरी दिलाने का पार्टी प्रयास करेगी। बीते दिनों पार्टी कार्यकर्ता राकेश रावेभात और योगेश रावेभात की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पाटिल ने प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए बताया कि जामखेड ग्रामीण अस्पताल में डॉक्टर नहीं हैं। ईलाज के लिए लोगों को अहमदनगर जाना पड़ता है। इसीकारण इलाज में विलंब होने से कार्यकर्ताओं की मृत्यू हो गई। गोली लगने के बाद पुलिसवालों ने उन्हें सिविल अस्पताल न ले जाकर नीजि अस्पताल में ले गए। जिस अस्पताल में पोस्टमार्टम नहीं हो सकता, वहां लोगों का इलाज कैसे होगा। इससे पहले हुई घटनाओं में भी यही हुआ था।
वलसे पाटिल ने सवाल उठाया कि पोस्टमार्टम के लिए शवों को पुणे क्यों ले जाया गया। वलसे पाटिल ने गृहराज्यमंत्री के दौरे का हवाला देते हुए कहा कि गृहराज्यमंत्री ने हादसा पानी मारने की वजह से होने का गैर-जिम्मेदाराना बयान दिया है। वलसे पाटिल ने कहा कि अवैध धंधे, साहूकारों को संरक्षण देनेवालों को समझ लिया जाए, तो असली गुनाहगार सामने आ जाएंगे। वलसे पाटिल ने कहा कि जामखेड में सक्षम अधिकारी की नियुक्ति किए बना वारदातें नहीं रूकेंगी। इलाके में बीते दिनों हुई आपराधिक घटनाओं के पीछे एक ही ग्रुप का हाथ है। केडगांव की घटना में 600 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, लेकिन असली आरोपी फरार है।
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