मेहुल चोकसी के खिलाफ इंटरपोल ने जारी की रेड कॉर्नर नोटिस

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मुंबई। सीबीआई के अनुरोध पर इंटरपोल ने पीएनबी घोटाले में फरार हो चुके भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है। सीबीआई के अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। 

 इंटरपोल समिति कोर्ट ‘कमीशन फॉर कंट्रोल ऑफ फाइल्स’ के पास एक रिपोर्ट पेश की गई

मेहुल चोकसी और नीरव मोदी ने पंजाब नेशनल बैंक को 13,000 करोड़ रुपये की चपत लगाई है। इन दोनों पर जालसाजी करने, फर्जी कागजातों के जरिए कर्ज लेने और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे कई आरोप लगाए गए हैं। इस मामले की जांच सीबीआई के साथ ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी कर रहा है।  इंटरपोल ने सीबीआई के अनुरोध पर मेहुल चोकसी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है। चोकसी अब तक भारतीय एजेंसियों की जांच के दायरे में आने से बच रहा था। जनवरी 2018 में अपने भांजे नीरव मोदी के साथ देश छोड़कर भागने वाले गीतांजलि जेम्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मेहुल चोकसी, उसकी पत्नी अमी मोदी और भाई निशाल मोदी ने एंटीगुआ की नागरिकता ले ली है। 15 जनवरी को उसने एंटीगुआ की नागरिकता ली और 29 जनवरी को सीबीआई की ओर से जांच की कार्रवाई शुरू की गई थी।
 
सूत्रों के अनुसार अक्टूबर महीने में सीबीआई की ओऱ से पांच सदस्यीय इंटरपोल समिति कोर्ट ‘कमीशन फॉर कंट्रोल ऑफ फाइल्स’ के पास एक रिपोर्ट पेश की गई थी। सीबीआई ने मेहुल चोकसी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की अपील की थी, जिसे मंजूर कर लिया गया। चोकसी ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए जाने के सीबीआई के अनुरोध को चुनौती देते हुए इस मामले को राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा बताया था। उसके वकीलों ने भारत में जेल के हालात, व्यक्तिगत सुरक्षा और स्वास्थ्य पर भी सवाल उठाए थे। उल्लेखनीय है कि इंटरपोल ने जुलाई में नीरव मोदी के खिलाफ भी नोटिस जारी किया है।
 
सीबीआई ने पीएनबी घोटाले में नीरव मोदी और चोकसी दोनों के खिलाफ अलग-अलग आरोप पत्र दाखिल किए हैं। सीबीआई ने कहा है कि 13,000 करोड़ रुपए के पीएनबी घोटाले में से चोकसी ने 7,080.86 करोड़ रुपए और नीरव मोदी ने 6,000 करोड़ रुपए की हेराफेरी की है। 
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