सिंचाई घोटाला : विपक्ष ने लगाया सरकार पर परेशान करने का आरोप 

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मुंबई। आघाड़ी सरकार के शानकाल में हुए सिंचाई घोटाले में एसीबी ने हलफनामा दायर किया है। एसीबी के हलफनामे में तत्कालीन सिंचाई मंत्री व एनसीपी नेता अजित पवार को जिम्मेदार ठहराया है। इस मामले में अजित पवार ने मिलीजुली प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। वे कोर्ट को सहयोग देते रहें और आगे भी देते रहेंगे। 

न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा – अजित पवार 

विधान भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अजित पवार ने कहा कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है। यैसे में वे इस मामले में ज्यादा कुछ नहीं कहेंगे। पवार ने कहा कि कल भी उन्होंने जांच में सहयोग किया था और आज भी कर रहे हैं और भविष्य में भी करते रहेंगे। अजित पवार ने कहा कि मुझे न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। एनसीपी के वरिष्ठ नेता व पूर्व उपमुख्यमंत्री छगन भुजबल ने कहा कि चुनाव नजदीक आने के बाद अजित पवार को परेशान करने का सरकार प्रयास कर रही है। सरकार अपने मकसद में कामयाब नहीं होगी। विधान परिषद में विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे ने कहा कि सरकार सिंचाई घोटाले पर राजनीति कर रही है।
 
याद दिला दें कि कांग्रेस-राकांपा की आघाड़ी सरकार में वर्ष 2004 से 2008 के दौरान सिंचाई क्षेत्र में तकरीबन 35 हजार करोड़ रुपए के घोटाले के आरोप लगा था। यह खुलासा वर्ष 2012 में हुआ था। राज्य में वर्ष 2014 में भाजपा-शिवसेना की सरकार बनने के बाद दिसंबर महीने में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोटाले की खुली जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद अजीत पवार, सुनील तटकरे और छगन भुजबल के खिलाफ जांच शुरु हुई। चार वर्ष की खामोशी के बाद एसीबी ने एक्शन दिखाते हुए हाईकोर्ट में दायर हलफनामा में अजित पवार को इस मामले में जवाबदार ठहराया है। सामाजिक कार्यकर्ता अंजली दमानिया ने अजीत पवार पर गंभीर आरोप लगाए थे।
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