वर्ष 2011 तक के झोपड़ों को पात्रता, मिलेंगे पक्के मकान !

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मुंबई, महानगर की वर्ष 2011 की झोपड़पट्टियों को पात्र करने का रास्ता साफ हो गया है। केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों ने इस फैसले को हरीझंडी दे दी है। आगामी 8 से 10 दिनों में इस निर्णय को केंद्र सरकार के सभी स्तरों पर मंजूरी मिल जाएगी। मुंबई के झोपड़पट्टी वासियों को प्रधानमंत्री आवास योजना में शामिल करके उन्हे पक्का मकान दिया जाएगा। सोमवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा के साथ बैठक के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह जानकारी दी।
मुंबई के वर्ष 2011 तक के झोपड़ो को पात्र करने के लिए राज्य सरकार ने कानून बनाया है। कानून को मंजूरी के लिए  केंद्र सरकार और राष्ट्रपति के पास भेजा गया है। केवल केंद्र और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलना शेष रह गया है।
इस अहम फैसले पर जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि मुंबई के वर्ष 2011 तक के झोपड़ो को पात्र करने के लिए राज्य सरकार ने कानून बनाया है। कानून को मंजूरी के लिए  केंद्र सरकार और राष्ट्रपति के पास भेजा गया है। केवल केंद्र और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलना शेष रह गया है। बैठक में इसे जल्द अनुमति देने की गई। इस निर्णय को केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों ने सोमवार को मंजूरी दे दी। आगामी 8  से 10 दिनों में उसे सभी स्तरों पर मंजूरी मिल जाएगी। इस निर्णय से वर्ष 2011 तक मुंबई के झोपडपट्टी में रहनेवाले रहिवासियों को प्रधानमंत्री आवास योजना में शामिल करके उन्हें मकान दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के शिरमौर्य कहे जानेवाले रायगड किले के जतन व संवर्धन के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कामों का जायजा लिया गया। इस काम के लिए राज्य सरकार ने 606 करोड़ रुपए की निधि मंजूर की है। लोकनिर्माणकार्य विभाग के साथ अन्य विभागों के अधिकारियों का एक दस्ता बनाया गया है। केंद्र से मांग की गई है कि काम को गति देने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के कुछ अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर राज्य सरकार को दिए जाएं। राज्य की इस अनुरोध को मंजूर कर लिया गया है। राज्य सरकार और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के बीच जल्द करार किया जाएगा। इसके तहत भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधिकारियों के मार्गदर्शन में आगे गति से कार्य किया जाएगा। इसीतरह इन अधिकारियों को राज्य सरकार की ओर से आवश्यक अधिकारी और सेवा-सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। जिसके चलते रायगड किले के संवर्धन के काम में गतिशीलता आएगी।
मुख्यमंत्री के मुताबिक  बलीराजा चेतना अभियान के तहत प्रदेश की 100 परियोजनाओं के कामों में गति आएगी। इसके लिए केंद्र से धनराशि मांगी गई थी, जिसे मंजूर कर लिया गया है। झुडपी जंगल की 54 हजार हेक्टेयर भूमि विभिन्न परियोजनाओं के लिए दी जाएगी। झुडपी जंगल की जमीन विभिन्न निकाय संस्थाओं को हस्तांतरित करने के बारे में अभी भी केंद्र से मंजूरी नहीं मिली है। यह मंजूरी न मिलने से उन जमीनों पर बनाए गए स्कूल सहित बनाई गई, सड़कें स्थानीय निकाय संस्थाओं को हस्तांरित न किए जाने से दिक्कतें निर्माण हो रही हैं। इस संबंध में आज की बैठक में निर्णय लिया गया है और यह विषय कानून विभाग के पास भेजा जाएगा और इस मसले का हल निकाला जाएगा।
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