एमआईडीसी जमीन प्रकरण में खड़से को क्लीन चिट ! 

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मुंबई- भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने पुणे की महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी) की जमीन खरीदी मामले में पूर्व राजस्व मंत्री एकनाथ खड़से को क्लीन चिट दी है। एसीबी ने पुणे की अदालत में विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें खड़से को राहत दी गई है। इस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है देखना होगा अदालत रिपोर्ट को स्वीकार करती है या नहीं।
पुणे के भोसरी एमआईडीसी जमीन खरीदी प्रकरण को लेकर खड़से पर घोटाले के आरोप लगे थे। इसके कारण उन्हें मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ा था। इस संबंध में एक कारोबारी हेमंत गवांडे ने मई 2016 को शिकायत दर्ज कराई थी। गवांडे ने आरोप लगाया था कि खड़से ने मंत्री पद का दुरपयोग कर 40 करोड़ रुपए की जमीन केवल 3.75 करोड़ रुपए में अपने रिश्तेदार के नाम पर खरीदी थी।
पुणे एसीबी के पुलिस अधीक्षक संदीप दीवान के मुताबिक अदालत को 27 अप्रैल को रिपोर्ट सौंपी गई। यह रिपोर्ट 22 पेज की है। हालांकि दीवान ने मामले को कोर्ट में विचाराधीन होने का हवाला देते हुए इस संबंध में अधिक जानकारी देने से इनकार कर दिया। याद दिला दें कि पुणे के भोसरी एमआईडीसी जमीन खरीदी प्रकरण को लेकर खड़से पर घोटाले के आरोप लगे थे। इसके कारण उन्हें मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ा था। इस संबंध में एक कारोबारी हेमंत गवांडे ने मई 2016 को शिकायत दर्ज कराई थी। गवांडे ने आरोप लगाया था कि खड़से ने मंत्री पद का दुरपयोग कर 40 करोड़ रुपए की जमीन केवल 3.75 करोड़ रुपए में अपने रिश्तेदार के नाम पर खरीदी थी। इस मामले को सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने भी जोर -शोर से उठाया था। एसीबी से क्लीन चिट मिलने के बाद खड़से ने अंजलि दमानिया को खड़े बोल सुनाए हैं। खड़से के मुताबिक पैसे लेकर आरोप लगाना अंजलि दमानिया का पेशा है। मेरे उपर लगाए गए झूठे आरोप के कारण मुझे मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। इन दो सालों में मुझे और मेरे परिवार को कई पीड़ा से गुजरना पड़ा है।
दूसरी ओर अंजलि दमानिया ने खड़से को मिली कथित क्लीन चिट पर सवाल उठाए हैं। अंजलि ने कहा है मैं इसके खिलाफ बांबे हाईकोर्ट में अपील करूंगी। मामला अदालत में लंबित है, जबकि खुद से क्लीन चिट मिलने का प्रचार करना गलत है।
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