#kisaanandolan#farmersstrike

Download PDF

मुंबई-  हिन्दू विधिज्ञ परिषद ने अहमदनगर स्थित विठ्ठलराव विखे पाटिल सहकारी शक्कर कारखाने पर आरोप लगाया है कि लाभार्थी किसानों की झूठी सूची पेश कर दिसंबर 2009 में 8.86 करोड रुपयों की कर्जमाफी की रकम हड़प ली.  लेखापरीक्षण में यह घोटाला उजागर होने के बाद संबंधित लोगों पर कानूनी कार्रवाई करने का आदेश तत्कालीन सहकार मंत्री ने दिनांक 2011 में दिया था. इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई.

हिन्दू विधिज्ञ परिषद का कहना है कि  किसानों के करोडों रुपए लूटनेवाले घोटालेबाजों पर बीजेपी सरकार भी कोई कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है. परिषद के राष्ट्रीय सचिव व अधिवक्ता संजीव पुनालेकर ने इस मामले में सहकारिता मंत्री से जवाब मांगाहै.  पुनालेकर ने कहा कि  इस मामले में मुंबई उच्च न्यायालय में फौजदारी याचिका दाखिल की गई है.

परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र इचलकरंजीकर ने कहा कि जब तक घोटालेबाजों पर कार्रवाई नहीं होती, हम शांत नहीं बैठेंगे. परिषद का कहना है कि कर्जमाफी का प्रस्ताव तैयार करते समय यदि मानवीय गलती की वजह से रकम वसूल हो गई हो, तो कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं है. लेकिन  यदि  जानबूझकर गलत क्लेम दाखिल कर, शासकीय रकम हड़पी गई है, तो कार्रवाई की जानी चाहिए.   पद्मश्री डॉ. विठ्ठलराव विखे-पाटील सहकारी शक्कर कारखाने के आर्थिक लेखा-जोखा में कारखाने के माध्यम से बैंक से ली गई राशि किसानों को कर्ज के रूप में दिए जाने की कोई भी एंट्री नहीं है .  यह साबित होने पर  जुलाई 2014 में इस कारखाने से कर्ज की मूल राशि वसूल करना बैंक के लिए आवश्यक हो गया. इस घोटाले के उजागर होने के बाद  अरुण पुंजाजी कडू व अन्य सदस्यों  ने कानूनी कार्रवाई की मांग की है लेकिन  सहकारी विभाग ने कोई एक्शन नहीं लिया है.

मेस्मा के खिलाफ विपक्ष एकजुट

आंगनवाड़ी सेविकाओं पर मेस्मा लगाने के सरकार के फैसले के खिलाफ विपक्ष एकजुट हो गया है. पत्रकारों से बातचीत करते हुए  विधान परिषद में नेता विपक्ष धनंजय मुंडे ने कहा कि आंगनवाड़ी सेविकाओं को सरकारी सुविधाओँ का लाभ नहीं दिया जा रहा है, लेकिन उनपर सरकारी कानून मेस्मा जरुर लादा जा रहा है .उन्होंने कहा कि यदि आंगनवाड़ी सेविकाओं पर मेस्मा लगाया जा रहा है तो उन्हें सातवें वेतन आयोग के हिसाब से वेतन भी दिया जाना चाहिए. मुंडे ने कहा कि यदि सभी सरकारी सुविधाओं का लाभ आंगनवाड़ी  सेविकाओं को दिया जाता है तो वे मेस्मा का विरोध नहीं करेंगे. विपक्ष ने कांग्रेस व राष्ट्रवादी कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि उन्होंने अपने शासनकाल में आंगनवाड़ी सेविकाओं के वेतन में कोई इजाफा नहीं किया था. इसके जवाब में  विधानसभा में नेता विपक्ष ने राधाकृष्ण विखे पाटिल ने कहा कि मुद्दा आंगनवाड़ी सेविअकाओं के वेतन का नहीं, बल्कि उनपर मेस्मा कानून लगाने का है. विपक्ष का कहना है कि जबतक सरकार अपने इस फैसले को वापस नहीं लेती , सदन में विरोध जारी रहेगा.       

फूलगोभी बर्बाद करने किसान की उद्धव से मुलाकात 

फूलगोभी के उचित मूल्य नहीं मिलने से नाराज अपनी फसल को नष्ट करने वाले किसान ने शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से मुलाकात की. उद्धव ने प्रेमसिंग चव्हाण नामक किसान को दिलासा देते हुए एक लाख रुपए की मदद की . जालना के रहने वाले प्रेमसिंग  ने बड़े जतन से अपने खेतों में फूलगोभी की फसल लगाई थी . लेकिन फसल का समुचित मिल नहीं मिलने से नाराज होकर उन्होंने अपने हाथों से फसल को नष्ट कर दिया था. प्रेमसिंह के फसल नष्ट करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था. इस वीडियो को देखने के बाद उद्धव ने प्रेमसिंग  को मिलने के लिए अपने निवास मातोश्री पर बुलाया था. उद्धव ने स्मृति प्रतिष्ठान की तरफ से प्रेमसिंह की आर्थिक मदद की. इस मौके पर शिवसेना  सचिव मिलिंद नार्वेकर व राज्यमंत्री अर्जुन खोतकर  मौजूद थे.

 

Download PDF

Related Post