भूमिहीनों के लिए जमीन, भूखंड मालिकों को मिलेगा दोगुना मुआवजा

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मुंबई- कर्मवीर दादासाहेब गायकवाड सबलीकरण व स्वाभिमान योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करनेवाले भूमिहीन लाभार्थियों को बड़े पैमाने पर जमीन उपलब्ध कराने का फैसला राज्य सरकार ने लिया है। इसके लिए भूखंड उपलब्ध कराने के लिए जमीन मालिक को रेडी रेकनर की दर से दोगुना मुआवजा दिया जाएगा। यह निर्णय मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।
इस योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करनेवाले और भूमीहीन खेत मजदूरों को चार एकड़ शुष्क अथवा दो एकड़ बागायती जमीन उपलब्ध कराई जाती है। जमीन खरीदी के लिए आनेवाले खर्च की आधी राशि बिना ब्याज कर्ज और आधी राशि बतौर अनुदान के रूप में दी जाती है। योजना पर प्रभावी अमल के लिए वर्ष 2012 में किए गए बदलाव के अनुसार जिलाधिकारी की अध्यक्षतावाली समिति पहले प्रचलित रेडी रेकनर की कीमत के आधार पर जमीन खरीदने का प्रयास करेगी।
अनुसूचित जाति एवं नवबौद्ध घटकों के लिए कर्मवीर दादासाहेब गायकवाड सबलीकरण व स्वाभिमान योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करनेवाले और भूमीहीन खेत मजदूरों को चार एकड़ शुष्क अथवा दो एकड़ बागायती जमीन उपलब्ध कराई जाती है। जमीन खरीदी के लिए आनेवाले खर्च की आधी राशि बिना ब्याज कर्ज और आधी राशि बतौर अनुदान के रूप में दी जाती है। योजना पर प्रभावी अमल के लिए वर्ष 2012 में किए गए बदलाव के अनुसार जिलाधिकारी की अध्यक्षतावाली समिति पहले प्रचलित रेडी रेकनर की कीमत के आधार पर जमीन खरीदने का प्रयास करेगी। यदि रेडी रेकनर की दर पर जमीन उपलब्ध नहीं हो रही है, तो संबंधित जमीन मालिक से बातचीत करके रास्ता निकाला जाएगा। रेडी रेकनर की कीमत से 20 प्रतिशत अधिक राशि देने का पहले प्रस्ताव रखा जाएगा। फिर भी जमीन नहीं मिल रही है, तो जमीन मालिक को रेडी रेकनर की दर से दोगुना मुआवजा देकर भूखंड लिया जाएगा।
निर्णयानुसार यह मुआवजा प्रति एकड़ तीन लाख रुपए सुनिश्चित किया गया है। अधिक से अधिक लोगों को जमीन मिल सके, इसलिए जमीन खरीदी प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। मंगलवार को लिए गए फैसले के अनुसार जिरायती जमीन के लिए प्रति एकड़ अधिकतम पांच लाख रूपए और बागायती जमीन के लिए प्रति एकड़ अधिकतम आठ लाख रुपए दर सुनिश्चित की गई है। योजना के लाभार्थियों को 100 प्रतिशत राशि सरकार अनुदान के रूप में देगी। अनुदान के लिए वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए 40 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। भविष्य में यह धनऱाशि बढ़ाने का भी फैसला है।
राशन दुकानों में 35 रुपए में मिलेगी तुवर दाल 
प्रदेश की राशन दुकानों में अब 35 रुपए प्रति किलो की दर से अरहर की दाल मिलेगी। इस आशय के प्रस्ताव को मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल में मंजूरी दी गई। इससे पहले राज्य की राशन दुकानों में तुवर दाल 55 रुपए प्रति किलो की दर राशनधारकों को बेची जाती थी। अब दरों में संशोधन कर दिया गया है। अब तुवर की दाल 35 रुपए प्रति किलो दर से मिलेगी। सार्वजनिक वितरण व्यवस्था के अंतर्गत तुवर दाल कर्नाटक में 38 रुपए और तामिलनाडू में 30 रुपए प्रति किलो की दर से दी जाती है। इन राज्यों की तर्ज पर अब महाराष्ट्र ने भी दाल की कीमतें घटाने का फैसला किया है।
इसीतरह सरकार के सार्वजनिक उपक्रम, निकाय संस्था, पूर्णतः अथवा अंशतः अनुदानित संस्थाओं द्वारा होनेवाली तुवर दाल की खरीदी, अगला आदेश पारित होने तक केवल महाराष्ट्र राज्य विपणन महासंघ से ही सरकारी दर पर खरीदी करना बंधनकारक किया गया है।
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