उलझनों को त्यागो, ऊंचा सोचो – नरेंद्र मोदी

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मुंबई-  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मुंबई के 56 वें दीक्षांत समारोह में हिस्सा लिया। मुंबई आईआईटी को  केंद्र सरकार के मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से एक हजार करोड़ रुपए की सहायता दी गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस राशि से उच्च मूलभूत सुविधा निर्माण करने के साथ ही संशोधन और नए प्रयोगों पर बल दिया जाए। 

पीएम ने दिया आईआईटी विद्यार्थियों को गुरुमंत्र

मुंबई आईआईटी के दीक्षांत समारोह में  2621 विद्यार्थियों की डिग्री और 380 विद्यार्थियों की पीएचडी से सन्मानित किया गया। समारोह में राज्यपाल सी. विद्यासागर राव, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मानव संशाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर आदि मान्यवर मौजूद थे। पीएम मोदी ने विद्यार्थियों को गुरुमंत्र देते हुए कहा कि अपनी असफलता की उलझन को मन से निकाल दें और आकांक्षाओं पर फोकस करें। ऊंचे लक्ष्य, ऊंची सोच आपको अधिक प्रेरित करेगी। उलझन आपके टैलेंट को सीमाओं में बांध देगी । सिर्फ आकांक्षाएं होना ही काफी नहीं है, लक्ष्य भी अहम होता है। आज जो डिग्री आपको मिली है, ये आपके निष्ठा और प्रतिबद्धता का प्रतीक है। ये सिर्फ एक पड़ाव है, असली चुनौती तो बाहर आपका इंतजार कर रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मुंबई आईआईटी के पिछले छह दशकों के निरंतर प्रयास से देश के नामांकित संस्थाओं में अपना स्थान बनाया है। आईआईटी और यहां के विद्यार्थियों के उल्लेखनीय कार्य का देश को अभिमान है। आईआईटी की सफलता से देश भर मेें इंजीनियरिंग क़ॉलेजों बने हैं। इससे भारत वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ा प्रौद्योगिकी मनुष्यबल का केंद्र बन गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि  स्टार्टअप की क्रांति जिस गति से देश में हुई है, उसका स्त्रोत आईआईटी है। आईआईटी को दुनिया में इंडियन इन्स्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलॉजी के रूप में पहचाना जाता है, लेकिन अब इसकी  व्याख्या बदल गई है। तकनीक मर्यादित नहीं रही। अब आईआईटी इंडियाज इन्स्ट्रुमेन्ट ऑफ ट्रान्सफॉर्मेशन हो गया है।

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