#gutkhaban : Lizard tail, a new ingredient in Gutkha!

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गुटखे में मिलाई जाती है छिपकली की पूंछ ! 
सभापति ने दिया जांच का आदेश
मुंबई – शिवसेना के अनिल परब ने दावा है कि मुंबई की झोपड़पट्टियों में अवैध तरीके से बेचे जानेवाले गुटखा में छिपकली की पूंछ काट कर मिलाई जाती है। परब का कहना है कि ज्यादा नशा हो इसिलए गुटखे में छिपकली की पूंछ मिलाई जाती है। यह खुलासा उन्होंने शुक्रवार को विधान परिषद में किया। सभापति रामराजे नाईक निंबालकर ने रसद मंत्री गिरीश बापट को मामले जानकारी हासिल कर, कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। 
 
 प्रश्नकाल में भाजपा के गिरीश व्यास ने नागपुर में सड़ी सुपारी और तंबाखू से खर्रा तैयार करने और बेचे जाने का मामला उठाया था। इसके जवाब में मंत्री बापट ने कहा कि राज्य में गुटखा और खर्रा बेचने पर पाबंदी है। बावजूद इसके अवैध रूप से खर्रा बेचा जा रहा है। खर्रा बेचनेवालों के खिलाफ कड़ी सजा के लिए राज्य सरकार संबंधित कानून में संशोधन करनेवाली है। इससे अवैध रूप से खर्रा बेचने वालों को सात साल तक की सजा हो सकती है। बापट ने कहा कि लगातार इस काम में लिप्त पाए जाने वालों पर एमपीडीए और मकोका कानून के तहत कार्रवाई होगी। इस बीच शेकाप के जयंत पाटिल ने दावा किया कि विधानमंडल में गुटखा सेवन होता है। इसके जवाब में बापट ने कहा कि इस बारे में मैं खुद पाटिल से जानकारी लेकर उचित कार्रवाई करूंगा। इसीबीच अनिल परब ने कहा गुटखे को और नशीला बनाने के लिए छिपकली की पूंछ मिलाई जाती है। यदि विश्वास न हो तो वे संबंधित विभाग के मंत्री को उस झोपड़पट्टी में साथ ले जाकर हकीकत दिखा सकते हैं।
 
एक दूसरे के सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री विनोद तावडे ने कहा कि राज्य में 20 प्रतिशत अनुदान पानेवाले स्कूलों का अनुदान बढ़ाने को लेकर सरकार सकारात्मक विचार करेगी। प्रश्नकाल में जेडीयू के सदस्य कपिल पाटिल ने इस संबंध में सवाल पूछा था। तावडे ने कहा कि सरकार ने राज्य मंत्रिमंडल की 30 अगस्त 2016 की बैठक में पात्र स्कूलों को 20 प्रतिशत अनुदान देने का फैसला किया था। इसके अनुसार इन स्कूलों का अनुदान दिया जा रहा है। इस पर पाटिल ने कहा कि स्कूलों को हर साल 20- 20 प्रतिशत अनुदान दिया जाना चाहिए। इससे स्कूलों को 100 प्रतिशत अनुदान मिल सकेगा।
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