महाराष्ट्र नहीं रहा सुरक्षित महिलाओं के लिए !

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मुंबई- महानगर सहित महाराष्ट्र के अन्य शहरों से पिछले पांच वर्षों में नाबालिग लड़कियों एवं महिलाओं के अपहरण मामलों में 15 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। आरटीआई और महाराष्ट्र सरकार की ओर से दी गई रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।

राज्य में महिलाओं के अपहरण में 15 फीसदी की बढ़ोतरी 

आरटीआई के जरिए साल 2013 और 2018 के दौरान मुंबई से लापता होने वाले नाबालिग लड़कों व लड़कियों के साथ ही महिलाओं की जानकारी मांगी गई थी। मुंबई पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार अभी भी 256 लड़के और 298 लड़कियों का पता नहीं चल पाया है। सरकार की ओर से विधानसभा में दी गई जानकारी के अनुसार 2000 से अधिक नाबालिग लड़कियां और महिलाएं अभी भी लापता हैं।
गृह विभाग की रिपोर्ट से सामने आया है कि साल 2017 में भी 1368 नाबालिग लड़कियों का अपहरण किया गया था, जिनमें से 1235 नाबालिग लड़कियों का पता लगाया जा चुका था, जबकि 133 लड़कियां अभी भी गायब हैं। साल 2016 में भी 922 नाबालिग लड़कियों का अपहरण किया गया था।
मुख्यमंत्री के मातहत कार्यरत गृह विभाग की ओर से बताया गया कि मुंबई से इस साल 5056 लड़कियों के गायब होने की रपट लिखाई गयी थी, जिनमें से 4758 लापता लड़कियों का पता लगाया जा चुका है। इन लड़कियों की उम्र 18 साल से कम है। इसके अलावा पिछले 5 साल के दौरान 26,708 महिलाएं भी लापता हुई थी। इनमें से 21,652 महिलाओं की उम्र 18 साल से ऊपर हैं। इनमें से पुलिस ने 19,686 महिलाओं की खोजबीन कर ली है। लेकिन अभी भी 2000 से ज्यादा महिलाओं और लड़कियों की तलाश जारी है।
महाराष्ट्र सरकार की ओर से जारी किए गए आंकड़ों से पता चला है कि पिछले पांच साल के दौरान 26,000 से ज्यादा लड़कियां और महिलाएं अकेले मुंबई से लापता हुई हैं। हालांकि पुलिस और जांच एजेंसियों ने 24,444 लापता महिलाओं का पता लगा लिया है और उनके परिजनों को सौंप दिया है। लेकिन अभी भी 2,264 कम उम्र की लड़कियों का पता नहीं चल सका है।
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