जून आखिर में मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट

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मुंबई- प्रदेश में सत्तासीन भाजपा-शिवसेना के बीच जारी खींचतान के बीच वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार का दावा है आगामी वर्ष 2019 का चुनाव दोनों दल मिलकर लड़ेगें। मुनगंटीवार ने चार जुलाई से नागपुर में शुरू होने जा रहे मानसून सत्र से पहले मंत्रिमंडल विस्तार के संकेत भी दिए हैं। हालांकि मंत्रिमंडल विस्तार में शिवसेना को हिस्सेदारी मिलेगी या नहीं इसे लेकर पेंच बरकरार है। शिवसेना सूत्रों की मानें तो पार्टी को नए मंत्रिमंडल में कोई दिलचस्पी नहीं है। समर्थन समझौते के तहत शिवसेना कोटे से मंत्रियों की संख्या पूरी हो चुकी है। पार्टी अपने फैसले पर अडिग है, आगामी चुनाव शिवसेना अपने दम पर ही लड़ेगी।
शिवसेना बोली नए मंत्रिमंडल में कोई रूचि नहीं * भाजपा-शिवसेना साथ लड़ेगें आगामी चुनाव- मुनगंटीवार
जून महीने के आखिरी सप्ताह में 27 या 28 जून को मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। चर्चा है भाजपा विधायक संजय कुंटे, पूर्व राजस्व मंत्री एकनाथ खड़से को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। कृषि मंत्री पांडुरंग फुंडकर के निधन के बाद रिक्त पद पर संजय कुंटे को स्थान मिल सकता है। संजय कुंटे मुख्यमंत्री फडणवीस के बेहद करीबी माने जाते हैं। चर्चा यह भी है कि मुख्यमंत्री फडणवीस गृहमंत्री का पद जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन को सौंप सकते हैं। कई मंत्रियों के विभाग बदलने की भी अटकलें हैं।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस विदेश दौरे पर हैं। वे शनिवार देर रात या फिर रविवार को विदेश दौरे से लौटेंगे। इसके बाद मंत्रिमंडल विस्तार पर आगे की बात शुरू होगी। राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट है जून महीने के आखिरी सप्ताह में 27 या 28 जून को मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। चर्चा है भाजपा विधायक संजय कुंटे, पूर्व राजस्व मंत्री एकनाथ खड़से को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। कृषि मंत्री पांडुरंग फुंडकर के निधन के बाद रिक्त पद पर संजय कुंटे को स्थान मिल सकता है। संजय कुंटे मुख्यमंत्री फडणवीस के बेहद करीबी माने जाते हैं। चर्चा यह भी है कि मुख्यमंत्री फडणवीस गृहमंत्री का पद जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन को सौंप सकते हैं। कई मंत्रियों के विभाग बदलने की भी अटकलें हैं। चर्चा है सामाजिक न्याय मंत्री राजकुमार बड़ोले, आदिवासी कल्याण मंत्री विष्णु सावरा और महिला एवं बाल कल्याण मंत्री विद्या ठाकुर के विभाग बदले जा सकते हैं। जिन मंत्रियों के काम संतोषजनक नहीं हैं, उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। कुछ नए चेहरों को स्थान मिल सकता है। नए मंत्रिमंडल में जगह पाने के लिए विधायकों ने एड़ी चोटी की जोर आजमाईश शुरू कर दी है। कुछ विधायकों ने तो अपने समर्थकों को अभी से लाल बत्ती मिलने के सपने दिखाने शुरू कर दिए है। हालांकि अभी तक मंत्रिमंडल विस्तार की अधिकारिक तौर पुष्टि नहीं की गई है।
नागपुर में पत्रकारों से बातचीत में मुनगंटीवार ने मंत्रिमंडल विस्तार के संकेत दिए। साथ ही उन्होंने दावा किया भाजपा और शिवसेना की दोस्ती आगे भी बरकरार रहेगी। मुनगंटीवार ने कहा कि सरकार में भाजपा और शिवसेना साथ हैं। हमारे बीच कोई दिक्कतें नहीं है। आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव के लिए अभी काफी समय बाकी है। राजनीति में एक घंटे में स्थितियां बदल जाती हैं। केवल सत्ता और परिवारवाद के लिए कांग्रेस और एनसीपी साथ आ सकते हैं तो क्या एक समान विचारधारा वाली पार्टियां एकसाथ नहीं आ सकती। भाजपा और शिवसेना की विचारधारा एक है। हम समान विचारधारा के कारण पिछले 25 साल से एकजुट हैं। लिहाजा आगामी चुनाव में भी दोनों पार्टियां एकसाथ रहेंगी। उन्होंने कहा कि इसका मुझे पूर्ण विश्वास है। याद दिला दें कि शिवसेना पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे आगामी चुनाव अपने दम पर लड़ने की घोषणा कर चुके हैं।
हाल में मुंबई दौरे पर आए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने एचएमटी चावल के जनक दिवंगत दादाजी खोब्रागडे के परिवार को सांत्वना देने चंद्रपुर गए थे। इस दौरान राहुल ने आरोप लगाया था कि खोब्रागडे परिवार को पांच करोड़ रुपए की मदद भाजपा सरकार ने नहीं दी। इसके जवाब में मुनगंटीवार ने कहा कि राहुल का बयान किसी मजाक से कम नहीं है। दादाजी का शोध आज का नहीं बल्कि बहुत पुराना है। उन दिनों कांग्रेस की सरकार थी, तो कांग्रेस सरकार ने दादाजी को आर्थिक सहायता क्यों नहीं की।
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