निवेश  और रोजगार सृजन में महाराष्ट्र अव्वल – मुख्यमंत्री फडणवीस

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मुंबई- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का दावा है “मेक इन इंडिया” कार्यक्रम के बाद भारत में विदेशी निवेश बढ़ गया है, जिसमें सबसे ज्यादा हिस्सेदारी महाराष्ट्र में है। पिछले तीन वर्षों में देश में हुए कुल निवेश का 43 प्रतिशत निवेश केवल महाराष्ट्र में हुआ है। इसके चलते बुनियादी ढांचे में निवेश और रोजगार सृजन में महाराष्ट्र देश का अग्रणी राज्य बन गया है।

256 किलोमीटर मेट्रो को मंजूरी दे दी गई है और 120 किलोमीटर काम प्रगति पर

मुख्यमंत्री फडणवीस के मुताबिक वर्तमान में सोशल मीडिया का उपयोग बढ़ रहा है। हालांकि, अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर प्रसार माध्यम का दुरुपयोग करके मोब लिंचिंग जैसी अप्रिय घटनाओं का होना निंदनीय है। मुंबई  देश की आर्थिक राजधानी है और यह राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, व्यापार और व्यापारियों के लिए आकर्षण का केंद्र है। इस शहर की सामाजिक गतिशीलता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण काम किए जा रहे हैं। मुंबई में मेट्रो के अलावा कोस्टल रोड, वेस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे, सी-लिंक, मुंबई- नवी मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक, वाटर ट्रान्सपोर्ट आदि परिवहन के नए विकल्प उपलब्ध हो जाएंगे। टिकाऊ और पर्यावरण फ्रेंडली संचार व्यवस्था प्रदान करने के लिए सामाजिक आंदोलन की गति तेज की जा रही है। इसके लिए, 256 किलोमीटर मेट्रो को मंजूरी दे दी गई है और 120 किलोमीटर काम प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगामी पांच वर्ष में 90 लाख यात्री तेज पर्यावरण फ्रेंडली मेट्रो से यात्रा कर सकेंगे, इसतरह की संचार व्यवस्था उपलब्ध की जा रही है। मुंबई को अंतरराष्ट्रीय स्तर का शहर बनाने के लिए सरकार कार्यरत है।

मुंबई में हाईटाइड के दौरान और अत्यधिक बारिश से शहर में पानी भर जाता है। अधिकतम पंपिंग स्टेशन बनाने से हाईटाइड के दौरान जल निकासी में मदद मिलेगी। किसी भी परिस्थिति में शहर में पानी की कमी की कोई समस्या नहीं होगी। ऑनलाइन पद्धति के जरिए अधिक से अधिक किसानों का कर्ज माफ करने वाला महाराष्ट्र एकमात्र राज्य है। अब तक, 40 लाख किसानों का कर्ज माफ कर दिया गया है और 10 लाख किसानों के कर्ज माफी की प्रक्रिया की जा रही है। किसानों की सिंचाई क्षमता में 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और पांच लाख कृषि पंप वितरित किए गए हैं। फलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए योजनाएं बनाई गई हैं। राज्य सरकार द्वारा जलयुक्त शिवार अभियान के कार्यान्वयन के कारण, लोगों के सहयोग से किसानों के यहां अच्छी उपज हुई। जलयुक्त शिवार योजना के माध्यम से 16 हजार गांव सिंचाई में आत्मनिर्भऱ बन गए हैं।

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