महावितरण में छुपे हैं हुनरबाज कर्मी, नाट्य प्रतियोगिता में निखरी प्रतिभाएं 

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मुंबई- राज्य की प्रमुख प्रदाता कंपनी महावितरण की ओर कल्याण में दो दिवसीय नाट्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। कल्याण के आचार्य अत्रे नाट्य रंगमंदिर में चल रही इस प्रतियोगिता में मंगलवार को एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां पेश की गई। इस प्रतियोगिता को दर्शकों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। दिलचस्प है कि नाट्कों का मंचन महावितरण के अधिकारी-कमर्चारी कर रहे हैं। इस प्रतियोगिता से कई कलाकर उभरकर सामने आए हैं, जिनकी प्रतिभा रोजमर्रा के कामों में दबकर रह गई थी।

 नाट्कों का मंचन महावितरण के अधिकारी-कमर्चारी कर रहे हैं

महावितरण के फिल्ड पर कार्यरत कर्मचारियों और अधिकारियों की कला को भड़ावा मिले इसलिए यह प्रतियोगिता आयोजित की गई है। जिसमें सभी को मुफ्त प्रवेश दिया जा रहा है।  महावितरण के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक संजीव कुमार के मार्गदर्शन पर यह प्रतियोगिता हो रही है। महावितरण के कार्यकारी निदेशक (मानव संसाधन) चंद्रशेखर येरमे ने प्रतियोगिता का शुभारंभ करते हुए कहा कि कला से मानव जीवन अर्थपूर्ण होता है, इसलिए सभी को  अपनी अंदु छुपी कला का जतन करना चाहिए। समारोह के अध्यक्ष पद पर कोकण प्रादेशिक कार्यालय के प्रादेशिक निदेशक श्रीकांत जलतारे मौजूद थे। इस अवसर पर मंच पर मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) संदेश हाके, कल्याण परिमंडल के मुख्य अभियंता रफिक शेख, रत्नागिरी परिमंडल के मुख्य अभियंता रंजना पगारे, मुख्य औद्योगिक संबंध अधिकारी संजय ढोके, महाप्रबंधक (मानव संसाधन) राजेंद्र पांडे और आयोजन समिति के प्रमुख एवं अधीक्षक अभियंता सुनील काकडे भी मौजूद थे।
उद्घाटन समारोह में महावितरण अधिकारियों- कर्मचारियों के परिजन और प्रेक्षक मौजूद थे। श्रीकांत जलतारे ने कहा कि इस नाट्य महोत्सव से कर्मचारियो-अधिकारियों के रोजमर्रा के काम में सकारात्मक बदलाव हो सकता है। लिहाजा सभी महोत्सव का आनंद लें। नाट्य प्रतियोगता का शुभारंभ भांडूप मंडल के ती रात्र नाटक से किया गया। बुधवार को प्रकाशगड सांघिक कार्यालय की ओर से ‘अशुद्ध बीजापोटी’,  कल्याण परिमंडल का ‘तथास्तु’ और अन्य मंडलों का नाट्य मंचन होगा। शाम को विजेता मंडलों को पुरस्कार वितरित किए जाएंगे।
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