पिछड़ा आयोग ने सौंपी राज्य सरकार को मराठा आरक्षण की स्टेट्स रिपोर्ट

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मुंबई- राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने राज्य सरकार को मराठा आरक्षण के संबंध में एक पन्ने की स्टेट्स रिपोर्ट दी है। मंगलवार को बांबे हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से हलफनामा पेश किया जाएगा। इसमें स्टेट्स रिपोर्ट का भी हवाला होगा।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछड़ा आयोग ने स्टेट्स रिपोर्ट तीन अगस्त को राज्य सरकार को सौंपी। राज्य की ओर से मंगलवार को 11 बजे अदालत में हलफनामा दिया जाएगा। आयोग के कर्मचारियों ने दो और तीन तारीख को जमकर काम किया। पांच संस्थाओं के माध्यम से राज्य के मराठा समाज के 45 हजार 700 परिवारों का सर्वेक्षण कराया गया है। परिवारों की पूरी जानकारी दर्ज कराने के लिए 12 अगस्त तक का समय मांगा गया है। इसके बाद जानकारी की पूरी समीक्षा करने के लिए एक से डेढ़ महीने का समय लगेगा। शिक्षा, आर्थिक और सामाजिक स्तर इन तीन मुद्दों पर मराठा परिवारों का सर्वे किया गया है। इसके लिए भराए गए फार्म में 35 सवाल पूछे गए हैं। प्रत्येक सवाल पर 10 अंक यैसे मिलाकर कुल 350 अंक हैं। मराठा समाज को यदि 50 अंक से ज्यादा अंक मिलता है, तभी उन्हें पिछड़ा वर्ग की श्रेणी में शामिल करने की सिफारिश होगी। इसके विशलेषण के लिए तीन महीने की कालावधि लगने का अनुमान है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस आश्वस्त कर चुके हैं कि मराठा आरक्षण की संवैधानिक प्रक्रिया नवंबर आखिर तक पूरी कर ली जाएगी। । पिछड़ा आयोग के समक्ष विविध सर्वेक्षण,  तककरीब 1 लाख 86 हजार आवेदन और ऐतिहासिक प्रमाण प्रस्तुत किए गए हैं। इससे आयोग की रिपोर्ट एक महत्त्वपूर्ण दस्तावेज बनेगी । रिपोर्ट मिलते ही आरक्षण का मुद्दा निर्णायक चरण में पहुंच जाएगा और न्यायालय में टिकेगा तथा आरक्षण देना संभव हो पाएगा । मुख्यमंत्री फडणवीस के मुताबिक राज्य पिछड़ा आयोग को हाई कोर्ट की ओर से अपनी भूमिका अगस्त तक प्रस्तुत करने कहा गया है। इसके बाद आयोग के कामकाज का एक कार्यक्रम हमारे सामने आएगा। आयोग को जल्द रिपोर्ट देने का अनुरोध किया गया है । आयोग की रिपोर्ट आते ही जरूरत पड़ी तो एक महीने के भीतर विधानमंडल का विशेष सत्र बुलाया जाएगा। मुख्यमंत्री के अनुसार आयोग स्वतंत्र है। लिहाजा सरकार निर्देश नहीं दे सकती। कुछ लोग अध्यादेश निकालने की मांग कर रहें, लेकिन अध्यादेश निकालते ही, वह तुरंत स्थगित हो जाएगा और धोखे वाली बात कही जाएगी। सरकार किसी को धोखे में नहीं रख सकती।
मराठा समुदाय के हिंसक आंदोलन के बीच बांबे हाईकोर्ट में आरक्षण मामले की 7 अगस्त यानी मंगलवार को सुनवाई होनेवाली है। इससे पहले मामले की सुनवाई 14 अगस्त को होनेवाली थी। याचिकाकर्ता विनोद पाटिल के अनुरोध पर सुनवाई एक सप्ताह पहले हो रही है। इस बीच मराठा समाज ने 9 अगस्त को राज्यव्यापी मोर्चा निकालने का एेलान किया है। हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई होने के बाद सकल मराठा क्रांति मोर्चा के समन्वयकों की फिर से बैठक होगी, जिसमें मोर्चे के संबंध में आगे की रणनीति बनेगी। आंदोलन समाप्त करने की मुख्यमंत्री की अपील पर,मराठा समाज की ओर से कहा गया है कि उन्हें आरक्षण का लिखित आश्वासन चाहिए।
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