मराठा आरक्षण की आग में झुलसा महाराष्ट्र 

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मुंबई- मराठा आरक्षण की मांग को लेकर दूसरे दिन भी राज्य हिंसा की आग में झुलसता रहा। बुधवार सुबह से शुरू हुआ मराठा क्रांति मोर्चा का आंदोलन मुंबई, नवी मुंबई, ठाणे, रायगड और राज्य के कई शहरों में  दोपहर तक हिंसक हो गया। कई वाहनों में तोड़फोड़ की गई और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। कई ठिकानों पर आंदोलनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। कहीं पुलिस ने लाठीचार्ज कर उत्पात मचा रहे लोगों को खदेड़ा तो कहीं हवा में गोलियां दागी। इस आंदोलन में कई पुलिसवाले घायल हुए हैं। पुलिस की कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई तो कुछ को आग के हवाले कर दिया गया।

मुंबई सहित राज्य के कई शहरों में हिंसा, तोड़फोड़, पथराव और आगजनी,  कई पुलिसवाले घायल, फूंकी पुलिस की गाड़ियां

हिंसक आंदोलन होता देख मराठा क्रांति मोर्चा की मुंबई इकाई ने दोपहर करीब ढाई बजे प्रेसवार्ता का आयोजन कर आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की। परंतु कई ठिकानों पर बवाल जारी रहा। मराठा संगठन ने कहा कि उपद्रव मचाने वाले कौन थे, इसकी जांच -पड़ताल की जाएगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि सरकार मराठा समाज के प्रतिनिधियों से बातचीत करने के लिए तैयार है ।
इससे पहले कलंबोली, कोपरखैराने, कमोठे, सातारा, यवतमाल, पुणे, नाशिक जैसे शहरों  में आंदोलन का हिंसक रूप देखा गया। कलंबोली और सातारा में उग्र आंदोलनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी। आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। कलंबोली में सुबह से ही मराठा आंदोलनकारियों ने मुंबई-पुणे हाई-वे पर जाम लगा रखा था। पुलिस ने आंदोलनकारियों से हटने के लिए कहा जिससे आंदोलनकारी उग्र हो उठे। इससे पुलिस व आंदोलनकारियों में संघर्ष शुरू हो गया। उग्र आंदोलनकारियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया और पुलिस की तीन जीप सहित कई गाड़ियां जला दी।
आंदोलनकारियों को भगाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी और हवाई फायरिंग की जिससे आंदोलनकारी भाग खड़े हुए। इसी प्रकार सातारा में भी मराठा आंदोलनकारी उग्र हो गए। इन लोगों ने सुबह से ही पुणे-बंगलुरु राजमार्ग पर टायर जलाते हुए जाम लगा रखा था। यहां भी पुलिस ने बढ़ते जा रहे ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए आंदोलनकारियों से हटने के लिए कहा। इससे भड़के आंदोलनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया और कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। यहां पुलिस अधिकारी संदीप पाटिल घायल हो गए । भीड़ को भगाने के लिए  पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी। इस बीच
मराठा आरक्षण आंदोलन के दौरान मंगलवार को विष पीकर आत्महत्या करने वाले व्यक्ति जगन्नाथ सोनावणे की बुधवार को इलाज के दौरान मौत हो गई है।
मुंबई, नवी मुंबई और ठाणे में मराठा समाज के लोग सड़क पर उतरे। सुबह से ही जबरन दुकानें बंद करा दी गई। कई निजी वाहनों में, बसों में तोड़फोड़ की गई। लोकल ट्रेन भी रोकी गई। कोपरखैराने में एक बस स्टाप जला दिया गया। कहीं-कहीं आंदोलन शांति के साथ किया गया। ठाणे में पांच बसों में तोड़फोड़ की गई। तीन हाथ परिसर में आंदोलनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया। पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा। हैरानीवाली बात रही की आंदोलन में शामिल कई लोगों की गाड़ियां भी तोड़ी गई हैं। कराड में पुलिस महानिरीक्षक विश्वास नागरे पाटिल की गाड़ी भी आंदोलनकारियों ने रोक ली थी।
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