म्हाडा भूखंड मालिकों से करार करके बनाएगी इमारतें

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 – राज्य सरकार की नई योजना –

मुंबई- प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जरूरतमंदों को किफायती घर उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार ने नया विकल्प तलाश लिया है। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप परियोजना के तहत भूखंड मालिकों के साथ समझौता करके राज्य सरकार खुद भवन निर्माण क्षेत्र में उतरने जा रही है। म्हाडा के माध्यम से सरकार मुंबई में खस्ताहाल चल रहे जमीन मालिकों से समझौता करेगी और रिक्त भूखंडों पर चार एफएसआई देकर बिल्डिंग का निर्माण किया जाएगा।
म्हाडा अपने संसाधनों के माध्यम से उक्त भूखंड पर चार एफएसआई का उपयोग कर ईमारत बनाएगी। मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, कल्याण, बदलापुर और पनवेल जैसे इलाकों में म्हाडा की इमारतें बनाने की योजना है। 
इस समझौते के तहत इमारत का एक तिहाई हिस्सा भूखंड मालिक और दो तिहाई हिस्सा म्हाडा लेगी। म्हाडा खुले बाजार में फ्लैट बेचकर लोगों को सस्ते घर उपलब्ध कराएगी। इस योजना के तहत तकरीबन 15 लाख फ्लैट तैयार किए जाने का अनुमान है। गृहनिर्माण विभाग ने भूखंड मालिकों को साथ लेने का फैसला किया है। जिनके पास भूखंड औऱ जमीन के प्लाट तो हैं लेकिन उसे विकसित करने की आर्थिक क्षमता उनके पास नहीं है। यैसे लोगों को योजना से जोड़कर म्हाडा के मार्फत इमारत का निर्माण किया जाएगा।
म्हाडा अपने संसाधनों के माध्यम से उक्त भूखंड पर चार एफएसआई का उपयोग कर ईमारत बनाएगी। मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, कल्याण, बदलापुर और पनवेल जैसे इलाकों में म्हाडा की इमारतें बनाने की योजना है।
प्रस्तावित परियोजना के अनुसार म्हाडा द्वारा बनाई गई बिल्डिंगों में कुल फ्लैट का एक तिहाई हिस्सा का मालिकाना हक़ जमीन मालिक को दिया जाएगा। जबकि दो तिहाई हिस्से के फ्लैट पर म्हाडा मालिकाना अधिकार होगा। म्हाडा अपने हिस्से के फ्लैट खुले बजार में सस्ती दर पर बेचेगी। इस परियोजना में जमीन मालिक को सरकार को कुछ नहीं देना होगा। भूखंड मालिक को अपनी जमीन के दस्तावेजों के साथ म्हाडा में आवेदन करना होगा। आगे काम म्हाडा स्वयं कर लेगी।
गृह निर्माण मंत्री प्रकाश मेहता के मुताबिक इसतरह का प्रस्ताव विभाग ने तैयार किया है। प्रस्ताव पर इसी महीने में फैसला आ सकता है। इस परियोजना से विकास की उम्मीद रखनेवाले भूखंड मालिकों को मदद मिल सकेगी। साथ ही महंगी दर पर फ्लैट बेचने वाले बिल्डरों पर भी अंकुश लग सकेगा। बाजार में प्रतियोगिता बढ़ने पर फ्लैट वाजिब दर उपलब्ध हो सकेंगे। मेहता ने बताया कि इस प्रस्तावित परियोजना के साकार होने पर तकरीबन 15 लाख फ्लैट उपलब्ध हो सकेंगे। जरूरतमंदों को किफायती मकान देने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपने को पूरा करने में यह परियोजना महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
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