मनी लॉन्ड्रिंग में फंसे आईएएस अधिकारी प्रदीप शर्मा

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मुंबई- प्रवर्तन निदेशालय ने अहमदाबाद में गुजरात कैडर के आईएएस अधिकारी प्रदीप एन. शर्मा के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पीएमएलए, 2002 के तहत विशेष अदालत के समक्ष पूरक अभियोजन शिकायत दायर की है। इससे पहले 27 सितंबर  2016 को भी प्रदीप शर्मा के खिलाफ पीएमएलए एक्ट 2002 के तहत अभियोजन  शिकायत दर्ज कराई गई थी।
सीआईडी ​​ने आरोप लगाया था कि तत्कालीन भुज जिला कलेक्टर प्रदीप शर्मा ने अपने पद एवं अधिकारों का दुरुपयोग किया था और वेल्सपुन कंपनी को कौड़ियों के दाम पर जमीनआवंटित कर दी थी और इस प्रकार राजकोष को नुकसान पहुंचाया था।
प्रवर्तन निदेशालय ने शनिवार को बताया कि राजकोट सीआईडी ​​की अपराध शाखा की ओर से दर्ज प्राथमिकी के आधार पर मनी लॉंडरिंग अधिनियम, 2002 के तहत गुजरात कैडर आईएएस अधिकारी प्रदीप शर्मा  के खिलाफ मनी लॉंडरिंग मामले की जांच शुरू की गई थी। सीआईडी ​​ने आरोप लगाया था कि तत्कालीन भुज जिला कलेक्टर प्रदीप शर्मा ने अपने पद एवं अधिकारों का दुरुपयोग किया था और वेल्सपुन कंपनी को कौड़ियों के दाम पर जमीनआवंटित कर दी थी और इस प्रकार राजकोष को नुकसान पहुंचाया था।
ईडी की जांच के दौरान यह पता चला कि प्रदीप निरंकनाथ शर्मा ने  वर्ष 2008 में अपनी पत्नी के नाम पर एक लाख रुपए का निवेश मेसर्स वैल्यू पैकेजिंग में किया था और सोची समझी साजिश के तहत ही यह काम किया था। बाद में संबंधित फर्म द्वारा लाभ वितरण के रूप में शर्मा को 29 लाख रुपए का मुनाफा दिया गया। प्रदीप शर्मा ने अपनी पत्नी श्यामल शर्मा के एनआरओ बैंक खाते का इस्तेमाल गलत तरीके से प्राप्त रकम को जमा करवाने में किया था। मेसर्स वैल्यू पैकेजिंग से शर्मा की पत्नी को 22 लाख रुपए प्राप्त हुए थे। इसी कंपनी में शर्मा की पत्नी भागीदार थी।
  ईडी ने जांच में पाया कि प्रदीप शर्मा के रिश्तेदार श्वेतांग देवराश्रयी के खाते में भी 22 लाख रुपए में से 10 लाख रुपये हस्तांतरित की गई थी। प्रवर्तन निदेशालय ने संबंधित बैंक खातों को  07 जून 2018 को जब्त कर दिया था। इस मामले में पीएमएलए कोर्ट को भी सूचित कर अभियोजन दाखिल किया गया है। इसके अलावा, जांच के दौरान यह भी पता चला कि प्रदीप एन शर्मा ने अचल संपत्तियों में भी अनुचित तरीके से जुटाई गई रकम  का निवेश किया था और संयुक्त राज्य अमेरिका में अपनी पत्नी के खाते में हवाला के माध्यम से देश के बाहर एक करोड़ रुपए भी भिजवाए थे। प्रवर्तन निदेशालय ने अब तक 1.19 करोड़ की संपत्तियों को जब्त किया है। पीएमएलए विशेष अदालत के समक्ष एक पूरक शिकायत दर्ज की गई है।
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