हथियारों का कुटीर उद्योग 5 – सरकार से हर बार ठगे जाते हैं सिकलीगर

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सिकलीगरों के लिए यह तो न सनम मिला, न विसाले यार वाली बात हो गई।

उन्होंने कुछ पुलिस अफसरान के कहने पर समर्पण तो कर दिया, ढेरों वायदे भी ले लिए लेकिन सरकार ने आज तक उनके लिए कुछ भी नहीं किया है।

न कॉंग्रेस ने, न भाजपा ने, न पुलिस ने, न किसी कलेक्टर ने… कोई भी इन सिकलीगरों के लिए कुछ नहीं करता है, बस वादे होते हैं, वे खोखले ढोल की तरह बस बजते ही रह जाते हैं। उनसे कुछ हासिल तो होता नहीं है।

विवेक अग्रवाल की खोजी रपट।

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