हथियारों का कुटीर उद्योग 7 – हमारा कोई भरोसा नहीं करता – दीवान सिंह

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सिकलीगरों के लिए हालात ऐसे बन चले हैं कि ये पूरा का पूरा समुदाय ही संकट के दौर से गुजर रहा है।

उनकी कहानी पर कोई आसानी से भरोसा नहीं करता है। वे उन्हें तो बस अपराधी के अक्स में ही देखते हैं।

ऐसे में सिकलीगर समाज के मुखिया दीवान सिंह के साथ क्यो-क्या होता होगा, यह कोई नहीं जान सकता।

उनके दर्द का अहसास तो उसी को हो सकता है, जो उस दर्द को भोग पाया हो।

उनके अंतहीन दर्द की कहानी, उन्हीं की जुबानी सुनें तो बेहतर होगा।

विवेक अग्रवाल की खोजी रपट।

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