एमपीएसी कर रहा पिछड़ो के साथ अन्याय- मुंडे

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मुंबई- नागपुर विधान परिषद में मंगलवार को एमपीएसी पर पिछड़ी जाति के विद्यार्थियों के साथ अन्याय करने आरोप लगा। नेता विपक्ष धनजंय मुंडे ने आरोप लगाया कि एमपीएससी विद्यार्थियों के साथ अन्याय कर रहा है, परंतु सरकार कोई हस्तक्षेप नहीं कर रही है। उन्होंने इस मुद्दे पर सदन में अलग से चर्चा कराने की मांग की।
बीते 4 वर्ष से सरकारी नौकर भर्ती बंद रखी गई है। निजीकरण का दूसरा अर्थ आरक्षण हटाओ होता है। सरकारी सेवा में बड़े पैमाने पर निजीकरण किया गया है। लिहाजा आरक्षित पदों की संख्या कम हुई है। रिक्त पदों में से केवल 50 फीसदी यानी 72 हजार पद सरकार ने भरने का निर्णय लिया था, परंतु उस पर अमल नहीं किया गया।
मुंडे ने सदन में स्थगन प्रस्ताव पेश करते हुए आरोप लगाया कि कानून में आरक्षण का प्रावधान है। वाबजूद इसके पिछड़े वर्ग के लोगों को सरकारी नौकरी से वंचित रखने साजिश रचे जाने का संदेह निर्माण हो रहा है। मुंड ने कहा कि बीते 4 वर्ष से सरकारी नौकर भर्ती बंद रखी गई है। निजीकरण का दूसरा अर्थ आरक्षण हटाओ होता है। सरकारी सेवा में बड़े पैमाने पर निजीकरण किया गया है। लिहाजा आरक्षित पदों की संख्या कम हुई है। रिक्त पदों में से केवल 50 फीसदी यानी 72 हजार पद सरकार ने भरने का निर्णय लिया था, परंतु उस पर अमल नहीं किया गया। संविधान में आरक्षण का प्रावधान है। अलग-अलग कानून है लेकिन पिछड़े वर्ग के लोगों को नौकरी से वंचित रखने प्रयास किया जा रहा है।
मुंडे ने सवाल उठाया कि समानांतर आरक्षण का गलत अर्थ निकालकर पिछड़ी जाति के विद्यार्थियों पर अन्याय करनेवाले अधिकारियों पर क्या सरकार कोई कार्रवाई करेगी। मुंडे ने कहा कि यह एक गंभीर मसला है, इसका सीधे सरकार से संबंध है। पिछड़ो के साथ अन्याय हुआ है। फीडबैक लेने के बाद भी सरकारी की ओर से कोई सुध नहीं ली गई। मुंडे ने सदन का अन्य कामकाज बगल कर इस विषय पर चर्चा कराने की मांग की। सभापति रामराजे नाईक निंबालकर ने इस मुद्दे पर चर्चा कराने का आश्वासन दिया है।
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