सिंचाई परियोजनाओं के लिए लेगें नाबार्ड से 6985 करोड़ का कर्ज

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मुंबई- महाराष्ट्र की 26 सिंचाई परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार ने नाबार्ड से 6985 करोड़ रुपए का ऋण लेने का निर्णय लिया है। इस आशय के प्रस्ताव को मंगलवार को मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दी गई।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना

निर्णयानुसार प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत चयनित प्रदेश की 26 परियोजनाओं को वेगवर्धित सिंचाई लाभ कार्यक्रम के तहत 5848 करोड़ 14 लाख रुपए और योजना के लाभक्षेत्र विकास कार्यक्रम के अंतर्गत आनेवाली 22 परियोजनाओं के लिए 1136 करोड़ 68 लाख रुपए कुल मिलाकर 6985 करोड़ रुपए ऋण वाजिब दर पर लेने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस फैसले से परियोजनाओं के काम को गति मिलेगी। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत वेगवर्धित सिंचाई लाभ कार्यक्रम की परियोजनाओं की बढ़ी कींमतों के अनुसार 5848 करोड़ 14 लाख रुपए और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत हर खेत को पानी कार्यक्रम के अंतर्गत लाभक्षेत्र विकास और जल प्रबंधन परियोजना के लिए 1136 करोड़ 68 लाख रुपए नाबार्ड से कर्ज लेने की अनुमति दी गई है।
इसीतरह प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अधीन परियोजनाओं के लिए कर्ज राशि में बचत अथवा वृद्धि होने पर कुल 19718.26 करोड़ रुपए  (12773.44 करोड़ (मूल)  + 6984 करोड़ 82 लाख रुपए (बढ़ा))  कर्ज  परियोजना कर्ज के मांग पत्र में जरूरी बदलाव करने की अनुमति प्रदान की गई है। देश की वेगवर्धित सिंचाई लाभ योजना की 99 अधूरी सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार ने निधि का प्रबंध किया है। इसमें महाराष्ट्र की 26 परियोजनाओं का समावेश है। राज्य की परियोजनाओं का काम दिसंबर 2019 तक पूरा किया जाना है।  इसके लिए केंद्र सरकार अपने हिस्से का 3830 करोड़ 12 लाख रुपए आर्थिक सहायता देगी। राज्य सरकार अपने हिस्से की राशि 12773 करोड़ 44 लाख रुपए नाबार्ड से दीर्घकालीन व सहुलियत दर पर कर्ज लेगी। इन सिंचाई परियोजनाओं के लिए कुल 16603 करोड़ 56 लाख रुपए की जरूरत थी।
नाबार्ड से 24 निर्माणाधीन सिंचाई  परियोजनाओं के लिए 7826 करोड़ 13 लाख रुपए कर्ज उपलब्ध हुआ है। केंद्र सरकार ने निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं के लिए शेष बचे लागत खर्च पर 20 प्रतिशत अधिक राशि पकड़कर केंद्रीय आर्थिक सहायता सुनिश्चित की है। शेष राशि का प्रबंध राज्य सरकार को करना है। परियोजना की बढ़ी कीमत, भूमि अधिग्रहण की कीमतों में वृद्धि और अन्य कारणों से वृद्धि हुई है। बढ़े लागत खर्च को पूरा करने के लिए नाबार्ड से कर्ज लिया जाएगा। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत हर खेत को पानी कार्यक्रम के तहत लाभक्षेत्र विकास व जल प्रबंधन संबंधित कामों के लिए 22 परियोजनाओं के लिए 1136 करोड़ 68 लाख रुपए नाबार्ड से 15 वर्ष के लिए 6 प्रतिशत की दर से कर्ज लिया जाएगा।
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