नाकोड की 375 करोड़ की संपत्ति की  सील

Download PDF

मुंबई- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 375.71 करोड़ रुपए की बैंक धोखाधड़ी मामले में कार्रवाई करते हुए मेसर्स नाकोडा लिमिटेड कंपनी की सूरत स्थित कार्यालय को सील कर दिया है। ईडी ने कारखाना, भूमि, इमारत के साथ ही सभी मशीनरी को भी सील कर दिया है। सीबीआई की आर्थिक अपराध शाखा की ओर से दायर एफआईआर और आरोपपत्र के आधार पर ईडी ने यह कार्रवाई की।

ईडी ने देवेंद्र बाबूलाल जैन (संयुक्त प्रबंध निदेशक) के खिलाफ भी केस दर्ज किया है। नाकोडा कंपनी पर कैनरा बैंक समेत 13 बैंकों के कंसोर्टियम के साथ धोखाधड़ी करने के आरोप हैं। जैन पिता-पुत्र ने इन बैंकों से भारी कर्ज लिया था, लेकिन उसके भुगतान करने में टालमटोल करने लगे थे। नाकोडा कंपनी के नाम पर इन लोगों ने 2107 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था।

ईडी की ओर से बताया गया कि मेसर्स नाकोडा लिमिटेड के साथ ही बाबूलाल गुमानमल जैन (अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक) के खिलाफ ईडी ने मामला दर्ज किया था। ईडी ने देवेंद्र बाबूलाल जैन (संयुक्त प्रबंध निदेशक) के खिलाफ भी केस दर्ज किया है। नाकोडा कंपनी पर कैनरा बैंक समेत 13 बैंकों के कंसोर्टियम के साथ धोखाधड़ी करने के आरोप हैं। जैन पिता-पुत्र ने इन बैंकों से भारी कर्ज लिया था, लेकिन उसके भुगतान करने में टालमटोल करने लगे थे। नाकोडा कंपनी के नाम पर इन लोगों ने 2107 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। जांच में पता चला कि बाबूलाल जैन और देवेंद्र बाबूलाल जैन ने पुनीत रूंगटा एवं जगदीश सोमानी के साथ आपराधिक षड्यंत्र रचा और फर्जी बिक्री और कई कंपनियों से फैंसी कपड़े खरीदने के नाम पर बैंकों से कर्ज लिए थे। यह कंपनियां भी पुनीत रूंगटा और जगदीश सोमानी संचालित करते थे।

नकली बिल और चालान की मदकोडा लिमिटेड कंपनी के नाम पर इन लोगों ने कैनरा बैंक समेत 13 बैंकों के साथ 816 क्रेडिट पत्र (एलसी) जारी करवाए थे। इसके अलावा 202 एलसी के जरिए नकदी की खरीद के नाम पर इन लोगों ने 827.98 करोड़ रुपए आपस में हस्तांतरित कराए। धोखाधड़ी से प्राप्त एलसी जमा कराने के बाद मेसर्स नाकोडा लिमिटेड की ओर से बैंकों को करोड़ों रुपए के कर्ज का भुगतान नहीं किया गया। बाद में इस रकम का उपयोग पुनीत रूंगटा और जगदीश सोमानी ने विभिन्न बैंकों से लिए गए ऋण, ब्याज, बैंकिंग शुल्क के भुगतान करने और अपने प्लांट व कारखाने को चलाने के लिए किया।

ईडी ने मांडवी तहसील के ब्लॉक नंबर 1, 4, 12 और 19 में स्थित नाकोडा लिमिटेड के कारखानों पर छापा मारकर संयंत्रों और मशीनों को सील कर दिया। ईडी ने कंपनी की इमारत और 63612 वर्ग मीटर क्षेत्रफल की जमीन के साथ 20 कपड़ा तैयार करनेवाली मशीनों को भी सील कर दिया है। इसके अलावा ईडी ने सूरत सुपर यार्न पार्क लिमिटेड कंपनी मंगोल तहसील में स्थित कंपनी को भी सील कर दिया। इन संपत्तियों की कुल कीमत 375.71 करोड़ रुपए आंकी गई है। फिलहाल मामले की जांच चल रही है।

 

Download PDF

Related Post