पेट्रोल-डीजल की महंगी कीमतों के खिलाफ राकांपाईयों का प्रदर्शन

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मुंबई-  पेट्रोल-डीजल के महंगी कीमतों को लेकर एनसीपी के कार्यकर्ताओं ने आंदोलन किया। अणुशक्तीनगर-चेंबूर से गोवंडी तक आक्रोश रैली निकाली गई, जिसमें कार्यकर्ताओं ने मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

मलिक ने बैल गाड़ी हांक कर कार्यकर्ताओं का नेतृत्व किया। कार्यकर्ता ने मोटर साइकिल खींचते हुए रैली में नजर आए। इस, दौरान मोदी सरकार होश में आए…फेकू सरकार हाय हाय…के नारे लगाए गए। मलिक ने वाहनों चालकों को शक्कर बांटी। इसके बाद मोटर साइकिल को हार-फूल चढ़ाकर उनकी प्रतिकात्मक अंतिम संस्कार यात्रा निकाली गई।

एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक के नेतृत्व में निकाले गए इस रैली में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल थे। मलिक ने बैल गाड़ी हांक कर कार्यकर्ताओं का नेतृत्व किया। कार्यकर्ता ने मोटर साइकिल खींचते हुए रैली में नजर आए। इस, दौरान मोदी सरकार होश में आए…फेकू सरकार हाय हाय…के नारे लगाए गए। मलिक ने वाहनों चालकों को शक्कर बांटी। इसके बाद मोटर साइकिल को हार-फूल चढ़ाकर उनकी प्रतिकात्मक अंतिम संस्कार यात्रा निकाली गई। रैली बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थी। मलिक ने कहा कि जब तक पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर के दाम कम नहीं होते तब तक आंदोलन जारी रहेगा। सरकारी की नीतियों के खिलाफ यह आंदोलन छेड़ा गया है। केंद्र सरकार की ओर से खुलासा किया गया है कि दुनिया में क्रूड आइल बढ़ने पर हमें भाव बढ़ाना पड़ता है। लेकिन सरकार लोगों को गुमराह कर रही है।

सरकारी तिजोरी में जमा हुए साढ़े नौ लाख करोड़ रुपए 

मलिक ने कहा कि विश्व में 80 डालर प्रति बैरल के हिसाब किया जाए तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोल की भाव 35 रुपए प्रति लीटर होता है। बाकी बचे 52 रुपए कहां जाते हैं। मलिक ने आरोप लगाया कि शेष 52 रुपए केंद्र और राज्य सरकार की तिजोरी में जाते हैं। लगभग 18 रुपए केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी क्यों वसूल रही है। बाकी बचे 40 रुपए राज्य सरकार की तिजोरी में जाते हैं। मलिक ने आरोप लगाया कि बीते चार साल में करीब साढ़े नौ लाख करोड़ रुपए मोदी सरकारी की तिजोरी में पेट्रोल और डीजल पर टैक्स लगाकर जमा किया है। एक देश एक कर जीएसटी से क्या फायदा हुआ है।

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