बिजली उत्पादन बढा़ने लिए सक्रिय हुई सरकार 

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मुंबई- प्रदेश में बिजली की मांग को देखते हुए राज्य सरकार बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए सक्रिय हो गई है। बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हसंराज अहिर और प्रदेश के उर्जा मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के बीच बैठक हुई, जिसमें कई अहम फैसले लिए गए। इसमें चंद्रपुर के महाजनको के अधीन बिजली निर्माण परियोजना के लिए इराई बांध का जलस्तर बढ़ाने, बरांज कोयला खान से करार और बिजली परियोजनाओं में होनेवाली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए अत्याधुनिक निगरानी तकनीक यंत्र बिठाने का फैसला हुआ है।
बायोमास परियोजना बनाने के लिए शीघ्र सरकारी स्तर पर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके अलावा चंद्रपुर की विद्युत उत्पादन परियोजनाओं में होनेवाली चोरी रोकने के लिए अत्याधुनिक निगरानी तकनीक यंत्र बिठाने की मंजूरी देने का निर्णय हुआ है। यहां की बिजली निर्माण परियोजना मे कोयला वॉशरी परियोजना का निर्माण किया जाएगा, जिससे परिवहन में होनेवाले खर्च की बचत होगी।
उर्जा मंत्री ने बताया कि यवतमाल के घाटंजी में बायोमास परियोजना बनाने के लिए शीघ्र सरकारी स्तर पर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके अलावा चंद्रपुर की विद्युत उत्पादन परियोजनाओं में होनेवाली चोरी रोकने के लिए अत्याधुनिक निगरानी तकनीक यंत्र बिठाने की मंजूरी देने का निर्णय हुआ है। यहां की बिजली निर्माण परियोजना मे कोयला वॉशरी परियोजना का निर्माण किया जाएगा, जिससे परिवहन में होनेवाले खर्च की बचत होगी। चंद्रपुर में महाराष्ट्र राज्य विद्युत निर्मिती कंपनी (महाजनको) की बिजली निर्माण परियोजना है। इस परियोजना को लगनेवाले पानी को इराई बांध से लाया जाता है। बांध का जलस्तर कम होने से बिजली उत्पादन में आगामी काल में समस्या निर्माण हो सकती है। यह समस्या निर्माण न हो इसलिए चारगांव बांध का पानी इराई बांध में छोड़े जाने का निर्णय इस बैठक में लिया गया। इसके अलावा जलस्तर बढ़ाने के संबंध में अन्य उपाययोजना भी बनाई जाएगी। इराई बांध का संवर्धन करने के लिए चंद्रपुर महानगरपालिका और महाजनको में करार करने का निर्णय लिया गया है। उर्जा मंत्री के अनुसार चंद्रपुर की बिजली निर्माण परियोजना को रेलवे मार्ग से कोयला पहुंचाने में अधिक खर्च आता है। यह खर्च कम करने के लिए करीबी बरांज कोयला खान से कोयला मिले तो सुविधाजनक होगा। इसके लिए बरांज कोयला खान से आगामी काल में करार किया जाएगा। महाजनको की चंद्रपुर जिले की खाली जमीन का अध्ययन करके उस स्थान पर भारत सरकार के सौर ऊर्जा महामंडल और महाजनको के बीच करार करके सौर ऊर्जा परियोजना स्थापित करने का निर्णय बैठक लिया गया।
चंद्रपुर के जो गांव खनन अथवा ऊर्जा परियोजना के लिए अधिग्रहित किए गए हैं, यैसे 52 गावों में अभी तक किसी भी प्रकार का लाभ सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के माध्यम से नहीं मिला है। इन गांवों में सीएसआर निधि से मूलभूत सुविधा का विकास करने का निर्णय लिया गया। चंद्रपुर जिले के परियोजना प्रभावितों की बैठक आयोजित कर उनकी समस्याओं का तत्काल हल निकालने के साथ ही शिक्षा के आधार पर उर्जा विभाग के विभिन्न स्थानों पर रिक्त पदों पर उन्हें समाहित करने का फैसला बैठक में लिया गया। नार्थ ब्लॉक में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अहिर के कार्यालय में हुई बैठक में महाजनको के प्रबंध निदेशक बिपिन श्रीमाली, महापारेषण के प्रबंधकीय निदेशक राजीव मित्तल, निदेशक (खान) श्याम वर्धने आदि मौजूद थे।
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