मुंबई के विकास में उत्तर भारतीयों की अहम भूमिका

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मुंबई, उत्तरप्रदेश के राज्यपाल राम नाईक का मानना है महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के बीच  संबंध बहुत पुराने है । दोनों राज्यों के संबंध पर पीएचडी की जा सकती है। महाराष्ट्र से उत्तर भारतीय आज से नहीं हजारों वर्षों से जुड़े है।  उनके जुड़े होने से महाराष्ट्र को ही फायदा हुआ है। मुंबई दौरे पर आए नाईक ने कहा की उत्तर भारतीयों और महाराष्ट्र के लोगों में भेदभाव करने वालों को समझने की जरुरत है। मुंबई के विकास में उत्तर भारतीयों का बहुत बड़ा योगदान है।

मुंबई उपनगर के हिंदी हाईस्कूल सभागृह में आयोजित ‘संवाद – कलमकारों से’ कार्यक्रम में राज्यपाल बोल रहे थे।  उन्होंने यूपी में राजयपाल रहते हुए अपने 3 वर्ष 10 महीने के कार्यकाल में किये गए कार्यों का लेखा जोखा भी दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के गठन के 68 साल बाद मैं आधिकारिक रूप से उत्तरप्रदेश स्थापना दिवस शुरू करा पाया ,राज्यपाल रहते हुए यह मेरे लिए अब तक का सबसे यादगार योगदान है।  सांसद के तौर पर जिस तरह मैं आजादी के चार दशकों के बाद  लोकसभा में वन्दे मातरम और जन-गण-मन शुरू करा पाया, उसे मैं अपनी सर्वोत्तम उपलब्धि मानता हूँ। उसी तरह  24 जनवरी को उत्तरप्रदेश दिवस के रूप में मान्यता दिलवा कर मुझे ख़ुशी हो रही है। डॉ राममनोहर लोहिया विश्वविद्यालय में अब तक हिंदी की पढ़ाई नहीं होती थी, अब यहां हिंदी की पढ़ाई शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

राज्यपाल नाईक ने बताया कि  डॉ भीमराव रामजी आंबेडकर का सही नाम सरकारी संस्थानों में सही किया जा रहा है।  बाबासाहब आंबेडकर के पिता का नाम रामजी है।  यह उन्होंने  संविधान के समय हस्ताक्षर में लिखा है। इस मामले को लेकर विवाद करने की जरूरत नहीं है। महाराष्ट्र के गृहनिर्माण मंत्री प्रकाश मेहता ने कहा कि नाईक के सामाजिक राजनीतिक जीवन की सीख लेनी चाहिए ।
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