मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जियोडेसिस का डायरेक्टर गिरफ्तार

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मुंबई-  प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिनेश ब्रम्हानंद जाजोडिया को फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी के एक मामले में गिरफ्तार कर लिया है। 51 वर्षीय दिनेश मुंबई के निवासी बताए जा रहे हैं। दिनेश संयुक्त अरब अमीरात, हांगकांग और ब्रिटिश वर्जिन द्वीपसमूह में स्थित विभिन्न विदेशी कंपनियों के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता और निदेशक हैं। वह इन कंपनियों के जरिए तकरीबन 125 मिलियन अमरीकी डॉलर की मनी लॉन्ड्रिंग केस में वांछित थे।
दिनेश जियोडेसिक लिमिटेड के लिए बतौर चार्टर्ड एकाउंटेंट और कर सलाहकार के रूप में कार्य कर रहे थे। यह जानकारी ईडी की ओर से दी गई है। शुक्रवार की सुबह ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर अनिल रावल की ओर से बताया  गया कि जियोडेसिक लिमिटेड कंपनी ने विदेशी मुद्रा कन्वर्टिबल बॉन्ड (एफसीसीबी) के तहत 125 मिलियन अमेरिकी डॉलर जुटाए थे, जिसके लिए सिटी बैंक एनए लंदन की शाखा ने बतौर एक ट्रस्टी के रूप में कार्य किया था। इस फंड का उपयोग विदेशी सहायक कंपनियों या विदेशों में नए निवेश के रूप में किए जाने का प्रस्ताव दिया गया था। 125 मिलियन अमरीकी डॉलर की रकम को पहले मेसर्स जीएल के विदेशी खाते में (सिटी बैंक लंदन) जमा किया गया था और उसके बाद इस रकम को सीधे जियोडेसिक होल्डिंग्स लिमिटेड (मॉरीशस)  और मेसर्स जियोडेसिस टेक्नोलॉजी सोल्यूशंस लिमिटेड (हांगकांग) की शाखा में स्थानांतरित कर दिया गया।
ईडी के अनुसार विदेशी सहायक कंपनियों ने परिपक्वता के बाद भी इस रकम का भुगतान करने में विफल रही थीं। इस रकम के पुनर्भुगतान के लिए सिटी बैंक एनए (लंदन) की ओर से प्रतिबद्धता का पालन करने की इच्छा जताई थी। बैंक ने भी इसके तहत कुल 157.06 मिलियन अमरीकी डॉलर की रकम का पुनर्भुगतान करने की हामी भरी थी। पीएमएलए जांच में पता चला कि आरोपी दिनेश ने शेयरधारकों के साथ ही एफसीसीबी धारकों (विदेशी निवेशकों) के साथ धोखाधड़ी करने के लिए आपराधिक साजिश रची थी। इसके लिए उसने फर्जी कागजातों और विभिन्न देशों में फर्जी शेल कंपनियों का एक जाल बनाकर लेन-देन किया और 125 मिलियन अमेरिकी डॉलर की रकम का गबन किया। इस मामले में मुंबई से दिनेश को गिरफ्तार किया गया है।
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