रमाई आवास योजना के तहत इस साल 1 लाख 1 हजार घरों को मंजूरी

Download PDF
मुंबई-  सामाजिक न्याय विभाग की रमाई आवास योजना के अंतर्गत वर्ष 2018-19 में अनुसूचित जाति एवं नवबौध्द वर्गो के लिए 1 लाख 1 हजार 714 घरों की मंजूरी दई गई है। सामाजिक न्याय मंत्री राजकुमार बड़ोले का दावा है कि आज तक के इतिहास में यह सबसे बड़ी उपलब्धी मानी जाएगी।  

 आज तक के इतिहास में यह सबसे बड़ी उपलब्धी, सामाजिक न्याय मंत्री राजकुमार बड़ोले का दावा

बड़ोले के अनुसार अनुसूचित जाति एवं नवबौध्द वर्गो के जरूरतमंद लोगों को घर उपलब्ध कराने के लिए सामाजिक न्याय विभाग की ओर से रमाई आवास घरकुल योजना चलाई जा रही है। इस योजना से पहले बहुत कम घर संकुलों को मंजूरी दी जाती थी। प्रदेश के हर जिले में अधिकतम 200 से 300 घर बनाने का लक्ष्य होता था। लिहाजा शेष जरूरतमंदों को प्रधानमंत्री आवास योजना पर निर्भर रहना पड़ता था। इस बार जिलों से जितने घरों की मांग आई है, उन सभी को मंजूरी दी गई है। प्रदेश में लगभग 1 लाख 1 हजार 714 नागरिकों को घर का लाभ मिलेगा। खुद का मकान हो यह सभी का सपना होता है। लिहाजा जितने जिलों से जितने घरों की मांग आई है, उन सभी को मंजूर किया गया है। 
 
मंत्री बड़ोले ने बताया कि मंजूर किए गए घरों में से नागपुर विभाग में सर्वाधिक 22 हजार मकानों को मंजूरी दी गई है। सबसे कम मुंबई विभाग में 3 हजार 746 घरों को मंजूरी दी गई है। नाशिक विभाग में 18 हजार 896, पुणे विभाग- 12 हजार 830, अमरावती विभाग- 14 हजार 614 और औरंगाबाद विभाग में 10 हजार 230 घर मंजूर किए गए हैं। विदर्भ में सबसे अधिक यानी 6 हजार 851 घर गडचिरोली जिले के खाते में गए हैं। चंद्रपुर में 4 हजार 500, वर्धा- 4 हजार 440, अमरावती- 4103, अकोला- 4 हजार, बुलढाणा – 2 हजार 855, यवतमाल – 2 हजार 656,  नागपुर जिले में 1 हजार 300,  भंडारा और वाशिम जिले में एक-एक हजार घरों को मंजूरी दी गई है। बड़ोले के अनुसार वर्ष 2018-19 में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रदेश भर में केवल 68 हजार 646 घरों को मंजूरी मिली है। इसकी तुलना में सामाजिक न्याय विभाग ने रमाई आवास योजने को अंतर्गत 1 लाख 1 हजार 714 घरों को मंजूरी दी है। अगले साल भी जितने घरों की मांग आएगी, उसे मंजूर किया जाएगा। 
Download PDF

Related Post