पर्यावरण कानून का उल्लंघन करने वाली  कंपनियों को तत्काल बंद करने का आदेश 

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मुंबई । पर्यावरण मंत्री रामदास कदम ने पर्यावरण कानून के नियमों का पालन न करने वाली कंपनियों को तत्काल बंद करने का आदेश दिया है। इनमें तालोजा एमआईडीसी की कंपनियों में गंदे पानी पर प्रक्रिया की व्यवस्था (इपीटी) नहीं किए जाने पर पर्यावरण मंत्री कदम ने सख्ती दिखाई है। उन कंपनियों को तत्काल बंद करने कहा गया है। साथ ही निवासीय मलजल प्रक्रिया की व्यवस्था (एसटीपी) भी तत्काल लागू करने का निर्देश पर्यावरण मंत्री रामदास कदम ने संबंधित अधिकारियों को दिया है। 
 
मंत्रालय में बुधवार को तालोजा एम.आई.डी.सी. के संदर्भ में पर्यावरण मंत्री की अध्यक्षता में जायजा बैठक बुलाई गई थी। बैठक में पर्यावरण विभाग के प्रधान सचिव अनिल डिग्गीकर, पर्यावरण विभाग के निदेशक डॉ. बीएन पाटिल, महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल के सहनिदेशक (जल), डॉ. वाईबी सोनटक्के, प्रादेशिक अधिकारी नवी मुंबई, डॉ. एएन हर्षवर्धन, पनवेल एम.आई.डी.सी.के अधीक्षक अभियंता नितीन वानखेडे समेत संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
 
कदम ने कहा कि तालोजा एम.आई.डी.सी. की केमिकल कंपनियों से बड़े पैमाने पर प्रदुषण युक्त पानी कासार्डी नदी में छोड़ा जाता है। इस कारण बड़े पैमाने पर नदी प्रदुषण फैलता है। साथ ही समीप का परिसर भी प्रदूषणमय हो रहा है। इस पर नियंत्रण के लिए प्रदूषण युक्त गंदे पानी पर प्रक्रिया करनेवाली मशीनरी, निवासीय मलजल पर प्रक्रिया करनेवाली यंत्रणा तत्काल कार्यान्वित की जाए।
 
पर्यावरण मंत्री कदम के अनुसार जिन कंपनियों में इटीपी और एसटीपी मशीनरी कार्यान्वित नहीं है, ऐसे कंपनियों को तत्काल बंद किया जाए। साथ ही तलोजा एमआईडीसी के कंपनियों के पानी में 25 प्रतिशत कटौती की जाए। जिन कंपनियों में यह व्यवस्था है, वह कार्यान्वित है या नहीं, इसकी भी तत्काल जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश पर्यावरण मंत्री ने दिया है। 
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