…नहीं तो ध्वस्त हो जाएगी कानून व्यवस्था- चीफ जस्टिस 

Download PDF
मुंबई- सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने कहा कि संविधान द्वारा दिये गये अधिकार  लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक  हैं। हम एक लोकतांत्रिक व्यवस्था और मुक्त समाज में रहते हैं। हमें लोगों के अधिकारों से अवगत होना चाहिए हमारे लोकतंत्र को “न्याय राज्य” की अवधारणा से संरक्षित किया जाता है । यदि यह अवधारणा ध्वस्त हो जाती है, तो “कानून का राज्य” भी ध्वस्त हो जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि लोकतंत्र सामाजिक न्याय व्यवस्था के स्तंभों पर खड़ा है।

“हमारे लोकतंत्र को “न्याय राज्य” की अवधारणा ने संरक्षित किया है”

 भारती विश्वविद्यालय के संस्थापक दिवंगत डॉ.पतंगराव कदम की स्मृति में पुणे में आयोजित कार्यक्रम को दोनों  संबोधित कर रहे थे।  इस अवसर सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अजय खानविलकर, मुंबई उच्च न्यायालय के प्रभारी मुख्य न्यायमूर्ति नरेश पाटिल सहित कई हस्तियां मौजूद थी। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि लोकतंत्र सामाजिक न्याय व्यवस्था के स्तंभों पर खड़ा है।केवल सामाजिक संपत्ति का समान वितरण करने तक ही  सामाजिक न्याय की  संकल्पना मर्यादित नहीं है बल्कि स्वतंत्रता,  समता, बंधुता के मूल्यों पर  आधारित समाज का निर्माण करना  सामाजिक न्याय का हिस्सा है । मुख्यमंत्री ने कहा कि पतंगराव का व्यक्तित्व ग्रामीण, जीवंत और रंगीन था, उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में मूल्यवान योगदान दिया। उन्होंने कभी गुणवत्ता की उपेक्षा नहीं की।  मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र को सामाजिक न्याय और समानता की स्थिति के राज्य के रूप में जाना जाता है। लोकतांत्रिक शासन का मूल उद्देश्य सामाजिक न्याय स्थापित करना है। छत्रपति शिवाजी महाराज, महात्मा ज्योतिबा फुले, राजर्षि शाहू महाराज, डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर ने महाराष्ट्र में सामाजिक न्याय की नींव बनाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक विरासत की अवधारणा और उनकी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं । महाराष्ट्र सरकार वंचित समूहों के समग्र विकास के लिए अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, भटक्या, विमुक्त , महिला, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक इत्यादि का जीवन स्तर बढ़ाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य द्वारा अपनायी गई नीति शिक्षा, बेघर के लिए आवास, बेरोजगारों के लिए रोजगार, भूमिहीनों के लिए भूमि और उद्यमियों को रियायत देने के आधार पर महाराष्ट्र  देश में अग्रणी है।
Download PDF

Related Post