पतंजलि के उत्पादों की ‘एफडीए’ करेगा जांच  

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मुंबई- योग गुरु बाबा रामदेव के पतंजलि समूह के उत्पादों पर आरोप लगे हैं। एफडीए मंत्री गिरीश बापट ने कहा कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं हो सकता। इस संबंध में पतंजलि उद्योग समूह को सूचित किया जाएगा। संबंधित उत्पाद की जांच की जाएगी। यदि इसमें दोष पाया जाता है तो संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
मिलावटखोरों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार कड़ा कानून बनाने तैयारी कर रही है। इसके लिए 7 साल से आजीवन कारावास तक की सजा होगी। बापट ने कहा कि मिलावट करने वालों के लिए आईपीसी कानून 272 व 276  में बदलाव किया जाएगा.
विधान परिषद में कांग्रेस के संजय दत्त व अन्य सदस्यों ने बाबा रामदेव के पतंजलि उद्योग समूह के एक उत्पाद का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि अप्रैल महीना अभी शुरू नहीं हुआ, लेकिन अप्रैल महीने में बना पतंजलि का उत्पाद बाजार में आ गया है। इसके जवाब में बापट ने कहा कि मामले की जांच करके उचित कार्रवाई की जाएगी। चाहे जो हो दोषी पाए जाने पर उसे बख्सा नहीं जाएगा। इससे पहले बापट द्वारा बाबा रामदेव को राष्ट्रपुरुष कहे जाने पर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया था।
बापट ने कहा कि मिलावटखोरों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार कड़ा कानून बनाने तैयारी कर रही है। इसके लिए 7 साल से आजीवन कारावास तक की सजा होगी। बापट ने कहा कि मिलावट करने वालों के लिए आईपीसी कानून 272 व 276  में बदलाव की जरुरत है। मिलावट का मसला बेहद गंभीर है। मिलावटवाली वस्तुएं खाने से लोग कई घातक बीमारियों का शिकार होते हैं। केंद्र सरकार ने कड़ा कानून बनाया है। परंतु इस कानून और कड़ा बनाने की आवश्कता है। मिलावटखोरों से निपटने के लिए मोबाइल प्रयोगशाला का निर्माण किया जाएगा। केंद्र सरकार से 165 करोड़ रुपए का अनुदान मिलने के बाद वर्ष 2019 तक इस योजना को पूरा कर लिया जाएगा।
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