राफेल घोटाले के पीएम मोदी मुख्य सूत्रधार – कांग्रेस

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मुंबई- सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी कांग्रेस फ्रांस के लड़ाकू विमान राफेल खरीदी में तथाकथित घोटाला होने के अपने आरोपों पर अडिग है। पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने कहा है राफेल डील मामले के पीएम नरेंद्र मोदी मुख्य सूत्रधार हैं। लिहाजा मामले में पीएम मोदी और भाजपा सरकार की संयुक्त संसदीय समिति के मार्फत जांच होनी चाहिए। 

झूठे सबूत और दस्तावेज बंद पाकिट में कोर्ट को दिए

आनंद शर्मा ने कहा

कांग्रेस के मुंबई कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले में कुछ त्रूटियां और विरोधाभास है,क्योंकि भारत सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को गलत जानकारी दी है। झूठे सबूत और दस्तावेज बंद पाकिट में कोर्ट को दिए गए। सरकार ने कैग और पीएसी रिपोर्ट कोर्ट में पेश नहीं की। सरकार ने कोर्ट को गुमराह किया है। देश में एेसा पहली बार हुआ है जब सरकार ने पीएम को बचाने के लिए सभी नियमों को ताक पर रख दिया और कोर्ट को गलत जानकारी दी और अंधेरे में रखा। शर्मा के मुताबिक पीएम मोदी ने अपने मित्र अनिल अंबानी की अनुभवहीन रिलायंस डिफेंस कंपनी को काम दिया। कांग्रेस के कार्यकाल में एक राफेल की कीमत 526 करोड़ रुपए थी, जो भाजपा के कार्यकाल में बढ़कर 1670 करोड़ रुपए हो गई। इससे देश की जनता का 41 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। यह रक्षा मंत्रालय का सबसे बड़ा घोटाला और भ्रष्टाचार है।  

आनंद शर्मा ने आगो कहा कि भारतीय वायुसेना को लड़ाकू विमानों की जरूरत थी। हिंदुस्थान एरोमॅटीक लिमिटेड (एचएएल) विमान बनाने वाली थी। एचएएल देश की कंपनी है और उसे लड़ाकू विमान बनाने का पांच दशक का अनुभव है। इसी कंपनी ने अभी तक देश के सभी विमानों का निर्माण किया है। एचएएल और फ्रांस की डिसोल्ट एविएशन कंपनी मिलकर विमान बनाने वाले थे। इसके लिए शुरूआत में मार्च 2013 में करार किया गया था।  इसके बाद 28 मार्च 2015 को अनिल अंबानी की  रिलायंस डिफेन्स कंपनी की स्थापना हुई। कंपनी स्थापना के केवल 14 दिन बाद य़ानी 10 अप्रैल 2015 को पीएम मोदी अकेले फ्रांस दौरे पर गए। उन्होंने फ्रान्स के राष्ट्रपति ओलोन्डो से मिलकर 126 के बजाए 36 विमानों की खरीदी का करार कर लिया। इसकी पूरी जानकारी अनिल अंबानी को पहले से थी। फ्रांस के राष्ट्रपति ओलोन्डो ने खुद जानकारी दी थी कि पीएम मोदी ने अनिल की कंपनी को काम देने की सिफारिश की थी। फ्रांस के मौजूदा राष्ट्रपति माक्रोेन ने भी इसे नकारा नहीं है।  शर्मा ने कहा कि पीएम मोदी इस घोटाले के मुख्य सूत्रधार हैं क्योंकि उन्होंने अकेले फ्रांस जाकर करार किया था। उनके साथ रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री, न्याय मंत्रालय के अधिकारी अथवा वायुसेना का कोई अधिकारी मौजूद नहीं था। 

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