नोटबंदी के दौर में शायर की मजबूर शायरी

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आज जब नोटबंदी की मार से हर खासो-आम कराह रहा है, हर घर से चित्कार निकल रही है, हर दिल से आह निकल रही है, ऐसे में एक शायर कैसे अपने विचारों की अभिव्यक्ति करता, यह इस वीडियो में देखें।

यह महज एक मजाक है, इसे कोई भी गंभीरता से न ले। हम चाहतें है इस मजाहिया शायरी का सभी मजा लें। गालिब साहब हमारे आदरणीय और सार्वकालिक श्रेष्ठतम शायरों की सूची में शामिल हैं। उनका पूरा सम्मान हम करते हैं।

पिछले दिनों उनकी एक बेहतरीन शायरी की पेरौडी सोशल मीडिया पर चल रही थी, वही हमने वीडियो में आपके सामने पेश की है।

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