पुलिस भर्ती घोटाले के आरोपियों को न्यायिक हिरासत 

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मुंबई- नांदेड जिला पुलिस भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई थीँ। पुलिस भर्ती घोटाले में अब तक जांच एजेंसियों ने एसएसजी सॉफ्टवेयर के संचालक समेत 16 लोगों को हिरासत में लिया है। सोमवार को सभी आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। कोर्ट ने सभी को न्यायिक कस्टडी में भेजने का आदेश दिया।
पुलिस अधीक्षक चंद्रकिशोर मीणा ने जांच के बाद इस प्रक्रिया में हेरफेर किए जाने की पुष्टि की थी। इस मामले में पुलिस कांस्टेबल नामदेव ढाकणे, एसएसजी सॉफ्टवेयर के शिरीष अवधूत, स्वप्निल सालुंके सहित ओंकार संजय गुरव, शिवाजी श्रीकृष्ण चेके, आकाश दिलीप वाघमारे, सलीम मोहम्मद शेख, समाधान सुखदेव मस्के, किरण अप्पा मस्के, सुमित दिनकर शिंदे, अब्दुल मुखीद मकसूद अब्दुल और संतोष माधवराव तनपुरे समेत कुल 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। 
 जिला पुलिस विभाग में रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया 12 मार्च से 1 अप्रैल 2018 को शुरू की गई थी। इस दौरान 69 सिपाही पद के लिए भर्ती प्रक्रिया पूरी की गई। लेकिन बाद में इस प्रक्रिया में अनियमिताएं व घोटाले किए जाने की शिकायतें की गई थी। पुलिस अधीक्षक चंद्रकिशोर मीणा ने जांच के बाद इस प्रक्रिया में हेरफेर किए जाने की पुष्टि की थी। इस मामले में पुलिस कांस्टेबल नामदेव ढाकणे, एसएसजी सॉफ्टवेयर के शिरीष अवधूत, स्वप्निल सालुंके सहित ओंकार संजय गुरव, शिवाजी श्रीकृष्ण चेके, आकाश दिलीप वाघमारे, सलीम मोहम्मद शेख, समाधान सुखदेव मस्के, किरण अप्पा मस्के, सुमित दिनकर शिंदे, अब्दुल मुखीद मकसूद अब्दुल और संतोष माधवराव तनपुरे समेत कुल 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने कृष्णा जाधव,  रा़सावरखेडभोई ता़दे़राजा, हनुमान भिसाडे निवासी रिसोड जि़वाशिम व रामदास भालेराव रा़बहादुरपूरा ताक़ंधार समेत तीन लोगों को भी हिरासत में लिया। राज्य आरक्षित पुलिस दल के शुक्राचार्य टेकाले को भी पकड़ा गया था। पुलिस ने इस मामले में अब तक 46 लाख रुपए भी जब्त किए हैं। सोमवार को सभी आरोपियों को न्यायाधीश सचदेवा की अदालत में पेश किया गया। उन्होंने सभी को न्यायिक हिरासत में भेजने के निर्देश दिए। इससे पहले पुणे पुलिस स्टेशन में भी मामला दर्ज किया गया है। मंगलवार को आरोपियों को हिरासत में लेने के लिए पुणे पुलिस अधिकारियों की टीम नांदेड पहुंच रही है।
नांदेड पुलिस भर्ती घोटाला मामले ने खूब सुर्खियां बटोरी थी। हिंगोली में भी राज्य आरक्षित दल का भी घोटाला सामने आया था। फर्जी कागजातों के जरिए 21  लोगों को पुलिस सेवा में भर्ती कर लिया गया था। जालना जिलाधिकारी कार्यालय में भी इसी प्रकार 4 उम्मीदवारों को शासकीय सेवा में कार्यरत किया गया था।
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