जरूरतमंद विद्यार्थियों को मिलेगी, विदेशी शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति 

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मुंबई- राज्य सरकार ओपन कटेगरी (खुला वर्ग) और अन्य पिछड़े वर्ग के जरूरतमंद मेधावी विद्यार्थियों को विदेश में उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति देगी। इस आशय की योजना को मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दी गई। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ ही मंत्रिमंडल में और कई अहम फैसले लिए गए। 

मेधावी छात्र-छात्राएं विदेश के नामचीन विश्वद्यिालयों में प्रवेश

मेधावी छात्र-छात्राएं विदेश के नामचीन विश्वद्यिालयों में प्रवेश से वंचित न रह जाएं, इसलिए यह योजना बनाई गई है। यह योजना इसी शैक्षणिक वर्ष से लागू की जाएगी। योजना के लिए 20 करोड़ रुपए का प्रावधान किया जाएगा। योजना में शामिल किए जानेवाले लाभार्थी विद्यार्थियों की संख्या 20 होगी। इसमें 10 विद्यार्थी ओपन कटेगरी के होंगे जबकि शेष 10 विद्यार्थी ओबीसी, विमुक्त जाति एवं बंजारा समाज और विशेष वर्ग के होंगे। ओपन कटेगरी विद्यार्थियों के अभिभावकों की सालाना आय 20 लाख रुपए से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। पिछड़े वर्ग के लाभार्थी विद्यार्थियों को क्रिमीलेयर प्रमाणपत्र देना अनिवार्य होगा। 
 
तीस प्रतिशत सीट छात्राओं के लिए आरक्षित रहेगी। चयनित विद्यार्थियों को विदेश के नामचीन विश्वविद्यालयों में स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए छात्रवृत्तियां दी जाएंगी। छात्रवृत्ति की कालावधि पीएचडी के लिए चार वर्ष, डिग्री पाठ्यक्रमों के लिए दो और एक वर्ष होगी। दसवीं, बारहवीं, स्नातक और स्नातकोत्तर के अंक और प्रवेश मिले विश्वविद्यालय के अंक के आधार पर गुणवत्ता सूची तैयार की जाएगी। 
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