‘क्वेस्ट’ करेगा विकास निधि योजना का मूल्यांकन!

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मुंबई- सरकार की ओर से आदिवासी कल्याण के लिए निर्धारित विकास निधि और योजना का नियोजन, नियंत्रण और मूल्यांकन क्वेस्ट केंद्र के द्वारा किया जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उम्मीद जताई है कि इससे सही अर्थो में आदिवासियों तक विकास पहुंचाने में मदद मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को आदिवासी विकास विभाग की ओर से तैयार किया गए क्वेस्ट (Quality Evaluation for Sustainable Transformation) Office इस नविनतम, नियोजन और मूल्यांकन केंद्र का उद्घाटन किया।
क्वेस्ट केंद्र देश का पहला सरकारी योजना का सनियंत्रण, मुल्यांकन करनेवाला केंद्र है। यह विकास योजना की परिणामकारकता बढ़ाने, उपलब्ध निधि के सही इस्तेमाल, नविनतम कार्यक्रम को लागू करने में उपयुक्त साबित होगा। क्वेस्ट के जरिए आदिवासी उपयोजना (टीएसपी), केंद्रीय आर्थिक सहायता, विशेष परियोजनाओं का योग्य नियोजन और प्रभावी अमल पर बड़ा योगदान होगा।
उद्घाटन समारोह में वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार, आदिवासी कल्याण मंत्री विष्णू सवरा, उच्च व तकनीक शिक्षा मंत्री विनोद तावडे, राज्यमंत्री आदिवासी विकास अंबरीशराव आत्राम, मुख्य सचिव सुमीत मलिक और प्रधान सचिव मनीषा वर्मा सहित संबंधित विभागों के आला अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि क्वेस्ट केंद्र देश का पहला सरकारी योजना का सनियंत्रण, मुल्यांकन करनेवाला केंद्र है। यह विकास योजना की परिणामकारकता बढ़ाने, उपलब्ध निधि के सही इस्तेमाल, नविनतम कार्यक्रम को लागू करने में उपयुक्त साबित होगा। क्वेस्ट के जरिए आदिवासी उपयोजना (टीएसपी), केंद्रीय आर्थिक सहायता, विशेष परियोजनाओं का योग्य नियोजन और प्रभावी अमल पर बड़ा योगदान होगा। यह केंद्र आदिवासी संशोधन एवं प्रशिक्षण संस्था के तहत मुंबई में स्थापित किया गया है। इसका मुख्य कार्यालय पुणे में है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक आदिवासी विकास विभाग के जरिए अब इसका सीधा लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के द्वारा किया जा रहा है। डीबीटी के कारण विभाग के काम में पारदर्शिता आई है। चर्चित स्कूलों में आदिवासी विद्यार्थी प्रवेश योजना पर विभाग की ओर से अच्छी तरह से अमल किया जा रहा है। शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सहित विभाग की योजनाओं पर अमल और परिणामकारकता बढ़ाने में क्वेस्ट केंद्र उपयोगी साबित होगा।
मिशन शौर्य पर निकले आदिवासी बच्चे 
आदिवासी विकास विभाग की मिशन शौर्य मुहिम के अंतर्गंत आदिवासी आश्रमशाला के एवरेस्ट शिखर अभियान पर दस विद्यार्थी एवरेस्ट चोटी पर तिरंगा फहराने निकले हैं। मुख्यमंत्री ने उनका अभिनंदन करते हुए कहा कि विश्व की सबसे उंची चोटी पर जाने का ऐतिहासिक क्षण आपके जीवन में आया है। हिम्मत और ताकत के साथ जाओ और भारत का झंडा एवरेस्ट पर फहरा कर आओ। मुख्यमंत्री ने मिशन शौर्य में एवरेस्ट सर करने के लिए तिरंगा झंडा बच्चों के सुपुर्द किया। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
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