रिटेल कारोबारियों ने ई कॉमर्स नीति के ड्राफ्ट में गिनाई खामियां

Download PDF
मुंबई- केंद्र सरकार के वाणिज्य मंत्रालय द्वारा हाल ही मैं जारी ई कॉमर्स के नीति दस्तावेज़ का कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने स्वागत तो किया है, लेकिन खामियां भी गिनाई हैं। कैट के मुताबिक देश के ईकॉमर्स बाज़ार की विसंगतियों, खामियों और बुराइयों को दूर करने में नीति एक बड़ा सकारत्मक कदम है और सभी ई कॉमर्स कंपनियों को देश में कायदे से व्यापार करने हेतु मजबूर करेगा. हालांकि नीति दस्तावेज में अनेक बुनियादी खामियां भी हैं।

रेगुलेटर गठित करने की मांग

कैट शीघ्र नीति दस्तावेज़ पर एक विस्तृत ज्ञापन केंद्रीय वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु को देगा । बीते दो वर्ष से कैट लगातार ई कॉमर्स के लिए एक नीति और एक रेगुलेटर गठित करने की मांग कर रहा था। दोनों को नीति दस्तावेज़ में शामिल किया गया है। कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी.भरतिया और राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल के अनुसार ई कॉमर्स व्यापार में कैश ऑन डिलीवरी पूर्ण रूप से प्रतिबंधित होनी चाहिए ! इससे ई कॉमर्स कंपनियों को कर को बचाने में सहायता मिलती है और जब  ई कॉमर्स एक डिजिटल प्लेटफार्म है तो उस पर भुगतान भी डिजिटल रूप से ही होना चाहिए ! उन्होंने  कहा कि कोई भी कम्पनी ई कॉमर्स का सहारा लेकर देश के रिटेल बाज़ार में अपने माल को डंप न कर दे , इसका समुचित प्रावधान नीति में रखना जरूरी है।
भरतिया और खंडेलवाल ने कहा की नीति बनाने के लिए गठित थिंक टैंक डिजिटल सिस्टम को मजबूत करने पर विशेष तौर पर ध्यान देना चाहिए । देश के व्यापार में आंतरिक सुधार के लिए एक मजबूत ई कॉमर्स का राष्ट्रीय ढांचा होना बेहद जरूरी है। लेकिन ऐसे ढांचा में विसंगतियां नहीं होनी चाहिए। ई कॉमर्स में डाटा की सुरक्षा बेहद जरूरी है ! हालाकिं नीति दस्तावेज़ में डाटा सुरक्षा पर पूरा जोर दिया गया है। लेकिन डाटा को किस तरह से फूलप्रूफ रखा जाए जिससे कोई भी डाटा का दुरूपयोग अथवा उसका व्यवसायीकरण न कर सके !
दोनों व्यापारी  नेताओं ने कहा की नीति दस्तावेज़ में भुगतान के लिए रूपए कार्ड को प्राथमिकता देने की बात कही गई है, जबकि रुपये कार्ड बुरी तरह से फेल हो चूका है। अनेक वर्ष बीत जाने के बाद भी अभी तक आम लोगों के उपयोग में नहीं आता ! इस दृष्टिकोण से आखिर भारत क्यू आर को बढ़ावा देना चाहिए। इसमें सभी प्रकार के डिजिटल भुगतान किए जा सकते हैं ! भारत क्यू आर सरकार द्वारा वर्ष 2017 में लांच किया गया था ! भारत क्यू आर का लाभ ई कॉमर्स में होनेवाले लेन देन में किया जाना ज्यादा ठीक होगा !
Download PDF

Related Post