एनसीपी के पूर्व सांसद समीर भुजबल को भी मिली जमानत 

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मुंबई। प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री छगन भुजबल के बाद बांबे हाईकोर्ट ने उनके भतीजे और एनसीपी के पूर्व सांसद समीर भुजबल को भी जमानत दे दी है। महाराष्ट्र सदन घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में समीर भी जेल में बंद थे। उन्हें सवा दो साल बाद जमानत मिली है।
समीर एनसीपी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल के भतीजे हैं। मनी लॉन्ड्रिंग और महाराष्ट्र सदन घोटाले के आरोप में समीर को भी गिरफ्तार किया गया था। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अधिकतम सात वर्ष की सजा है। समीर इसमें से एक तिहाई सजा जेल में भुगत चुके हैं।
समीर ने इससे पहले मुंबई की विशेष पीएमएलए कोर्ट में जमानत के लिए गुहार लगाई थी, लेकिन उसे खारिज कर दिया गया था। बांबे हाईकोर्ट ने बुधवार को उनकी जमानत याचिका मंजूर कर ली। समीर एनसीपी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल के भतीजे हैं। मनी लॉन्ड्रिंग और महाराष्ट्र सदन घोटाले के आरोप में समीर को भी गिरफ्तार किया गया था। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अधिकतम सात वर्ष की सजा है। समीर इसमें से एक तिहाई सजा जेल में भुगत चुके हैं। इस आधार पर अदालत ने उनकी जमानत याचिका मंजूर की है। दिल्ली स्थित महाराष्ट्र सदन घोटाले के आरोप में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने समीर को फरवरी 2016 में गिरफ्तार किया था। छगन भुजबल भी इसी आरोप में जेल में बंदे थे।
छगन भुजबल को मिली जमानत को आधार बनाते हुए समीर ने भी जमानत याचिका दायर की थी। सु्प्रीम कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग कानून की धारा 45 रद्द कर दी थी। इसी आधार पर छगन भुजबल को सशर्त जमानत मिली थी। समीर ने भी इसी के तहत जमानत मांगी थी। विभिन्न वजहों के कारण समीर की याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी थी। परंतु गर्मियों में अवकाश के दिनों में चल रही अदालत ने समीर की याचिका को मंजूर किया है। हालांकि ईडी की ओर से जमानत देने पर एेतराज जताया गया। सुप्रीम कोर्ट की ओर से 29 मार्च को किए गए नए संशोधन को आधार बनाते हुए ईडी ने जमानत न देने की पैरवी की थी।
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