सनातन ने भेजी विखे पाटिल को मानहानि की नोटिस  

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मुंबई- सनातन संस्था ने विधानसभा में विपक्ष के नेता राथाकॄष्ण विखे पाटिल को मानहानि की कानूनी नोटिस भेजकर 10 लाख रुपए का दावा ठोका है। इससे पहले संस्था ने एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक को मानहानि की कानूनी नोटिस भेजी थी।

दैनिक  देशोन्नती के मालिक एवं संपादक को भी नोटिस

सनातन संस्था के मुताबिक आधारहीन आरोप लगाकर कांग्रेस नेता व विरोधी पक्ष नेता राधाकृष्ण विखे-पाटिल ने संगठन की बदनामी की है। दैनिक  देशोन्नती के मालिक एवं संपादक को भी नोटिस भेजी गई है। सनातन संस्था के व्यवस्थापकीय ट्रस्टी वीरेंद्र  मराठे ने विधि सलाहकार रामदास केसरकर के मार्फत मानहानि की नोटिस भेजी है। विखे पाटिल ने आरोप लगाया था कि सनातन जैसी संस्था आतंकवाद का  प्रशिक्षण दे रही है। उन्होंने सनातन पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। देशोन्रति में खबर प्रकाशित की गई थी। नोटिस का 15 दिनों के अंदर जवाब मांगा गया है, अन्यथा अगली कानूनी कार्यवाही की जाएगी। नोटिस 5 हजार रुपए के खर्च का दायित्व भी नोटिसधारक पर थोपा गया है।
दरअसल पिछले महीने की 10 तारीख को एटीएस ने सनातन संस्था से हमदर्दी रखने वाले और हिंदू गोवंश रक्षा समिति के सदस्य वैभव राउत को गिरफ्तार किया था। जब उसके घर पर छापा मारा गया तो आठ देसी बम और अन्य विस्फोटकों के अलावा सनातन संस्था का साहित्य मिला था। इसके बाद एटीएस ने शरद कालस्कर और सुधन्वा जोगलेकर को गिरफ्तार किया, जिनके पास विस्फोटक और कई हथियार मिले। एटीएस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वे महाराष्ट्र के कई इलाकों में धमाकों की साजिश रच रहे थे। इससे सनातन संस्था पर उंगलियां उठ रही हैं। हालांकि सनातन की ओर से सफाई दी गई है कि गिरफ्तार किए गए लोगों से संगठन से कोई संबंध नहीं है। कांग्रेस-एनसीपी जैसे दल हिंदुत्ववादी संगठनों को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। एनसीपी- कांग्रेस सहित कई दल सनातन पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर चुके हैं।
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