सरकारी कर्मचारियों का आत्मक्लेश आंदोलन 

Download PDF
मुंबई- नई पेंशन योजना रद्द करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर सरकारी कर्मचारियों ने गांधी जयंती के अवसर पर गांधीगिरी स्टाइल में आत्मक्लेश आंदोलन किया। तकरीबन 10 हजार से अधिक कर्मचारियों ने हाथों में झाड़ू लेकर आजाद मैदान में सफाई की और सरकार की नई पेंशन योजना को कचरे के डिब्बे में डालने की बात कही।

10 हजार से अधिक कर्मचारियों ने हाथों में झाड़ू लेकर आजाद मैदान में सफाई की

पुरानी पेंशन अधिकारी संगठन के नेतृत्व में सरकारी कर्मचारी आजाद मैदान में इकट्ठे हुए थे। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष वितेश खांडेकर के मुताबिक यदि सरकार ने सभी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल नहीं की तो यह योजना कचरे के ढेर में जमा कर दी जाएगी।  कर्मचारियों के परिवारों को 10 लाख रुपए सानुग्रह अनुदान देने का निर्णय घोषित करके भाजपा सरकार ने उनके मुंह पर पानी छिड़का है। नई पेंशन योजना कर्मचारियों को स्वीकार नहीं हैं। इसके खिलाफ विरोध जताने के लिए महात्मा गांधी द्वारा सिखाए गए शांति के मार्ग से हम आंदोलन कर रहे हैं। यदि पुरानी पेंशन योजना लागू नहीं की गई तो भविष्य में उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।
पुरानी पेंशन योजना की मांग को लेकर प्रवीण बहादे यवतमाल से 700 किलोमीटर का सफर साइकिल से तय करके मुंबई पहुंचे थे। इसीतरह शिवनेरी किले से रन फार पेंशन की आवाज बुंलद करते हुए संगठन के 10 कार्यकर्ता 100 किलोमीटर की दूरी दौड़ते हुए आजाद मैदान पहुंचे थे। सरकारी कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन योजना, यूपी-उत्तराखंड-राजस्थान जैसे राज्यों की तर्ज पर पेंशन योजना लागू करने का आदेश राज्य सरकार जारी करे, शिक्षकों की पेंशन कटौती के संबंध में स्पष्टीकरण, दिव्यांगों को मिलनेवाला परिवार सेवानिवृत्ती वेतन, ग्रेज्युटी आदि मांगें शामिल हैं।
Download PDF

Related Post