शिवसेना ने की सत्ता से बाहर निकलने की तैयारी !

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मुंबई – एनडीए गठबंधन से नाता तोड़ने के बाद शिवसेना ने अब सरकार से भी बाहर होने की तैयारी की है। पार्टी के विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार शिवसेना जल्द फडणवीस सरकार से बाहर हो जाएगी। इसके लिए शिवसेना ने पूरी तैयारियां कर रखी हैं, बस पार्टी को सही मौके और समय का इंतजार है।
सूत्रों के अनुसार पार्टी ने सरकार से बाहर होने का मन बना लिया है। सिर्फ उद्धव ठाकरे के इशारे का इंतजार है। सरकार से बाहर होने के बाद किसान कर्ज माफी, किसानों की आत्महत्या, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था, मराठा आरक्षण, लंबित परियोजनाएं, पानी, बिजली, आवास, नोटबंदी और जीएसटी से कारोबार पर पड़े असर जैसे ज्वलंत मुद्दों को लेकर भाजपा को जिम्मेदार ठहराएगी। 
शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे के बेहद करीबी नेताओं की मानें तो दशहरा रैली में शिवसेनापक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे सरकार से बाहर होने का एेलान कर सकते हैं। हालांकि राजनीतिक हालात को देखते हुए यह फैसला पहले भी हो सकता है। बहरहाल पार्टी दशहरा रैली तक की समय सीमा को रणनीति मानकर चल रही है। शिवसेना सरकार से अपना समर्थन वापस लेती है तो मध्यावधि चुनाव की संभावनाएं बढ़ जाएंगी। हालांकि फडणवीस सरकार इस बात को लेकर निश्चिंत है कि सरकार को बचाने के लिए कई अदृश्य हाथ मौजूद हैं। विपक्षी दलों द्वारा ताने मारे जाते रहे हैं कि सरकार में बने रहना शिवसेना की मजबूरी है। शिवसेना सरकार से बाहर नहीं हो सकती। इधर शिवसेना सूत्रों के अनुसार पार्टी ने सरकार से बाहर होने का मन बना लिया है। सिर्फ उद्धव ठाकरे के इशारे का इंतजार है। सरकार से बाहर होने के बाद किसान कर्ज माफी, किसानों की आत्महत्या, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था, मराठा आरक्षण, लंबित परियोजनाएं, पानी, बिजली, आवास, नोटबंदी और जीएसटी से कारोबार पर पड़े असर जैसे ज्वलंत मुद्दों को लेकर भाजपा को जिम्मेदार ठहराएगी।
शिवसेना नेताओं का आरोप है कि सरकार में होने के बावजूद भी शिवसेना मंत्रियों को नजरअंदाज किया जाता है। शिवसेना विधायकों के क्षेत्रों के लिए निधि देने में भेदभाव होता है। जनता के काम न होने से पार्टी की छवि पर असर पड़ रहा है। पार्टी की साख बचाने के लिए शिवसेना जल्द सरकार से बाहर होगी। कोकण की प्रस्तावित नाणार परियोजना को लेकर दोनो दलों में बढ़ा तनाव इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।
उद्धव ठाकरे अपनी जनसभाओं में और पार्टी के मुखपत्र सामना के माध्यम से फडणवीस और मोदी सरकार पर लगातार हमले बोले जा रहे हैं। क्या फडणवीस सरकार को बचाने के लिए एनसीपी आगे आ सकती है। इस सवाल पर शिवसेना नेताओं का कहना है कि हमारे लिए भी यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार को समर्थन देने कौन सा दल आगे आता है। याद दिला दें कि उद्धव ने बीते दशहरा रैली में एनडीए गठबंधन से रिश्ता तोड़ने की घोषणा की थी। उन्होंने साफ कर दिया था कि शिवसेना आगामी चुनाव अपने दम पर लड़ेगी। इसके अलावा शिवसेना ने देश के अन्य राज्यों में होनेवाले आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में पार्टी उम्मीदवार उतारने का एेलान कर चुकी है।
इधर भाजपा नेताओं का कहना है सरकार को कोई खतरा नहीं है। फडणवीस सरकार अपना 5 साल का कार्यकाल सफलता के साथ पूरा करेगी। वित्त मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुधीर मुनगंटीवार के मुताबिक शिवसेना हमारा पुराना मित्र दल है। हमारा समझौता विचारों पर है। हम शिवसेना से गठबंधन नहीं तोड़ना चाहते। यदि शिवसेना खुद से गठजोड़ तोड़ना चाहती है तो कोई क्या कर सकता है। भाजपा को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। आगामी चुनाव में भी भाजपा का परचम लहराएगा।
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