शिवाजी स्मारक भी घोटाले के लपेटे में, न्याययिक जांच की मांग 

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मुंबई- अरब सागर में बनाए जानेवाला विश्वस्तर का छत्रपति शिवाजी महाराज स्मारक का निर्माणकार्य भी विवादों के घेरे में आ गया है। स्मारक की टेंडर प्रक्रिया में घोटाले का आरोप लगा है। कांग्रेस और एनसीपी ने टेंडर रद्द करने के साथ ही मामले न्याययिक जांच कराने की मांग की है।  

टेंडर प्रक्रिया में घपले का आरोप

 मरीन लाइन के पास अरब सागर में शिवाजी के स्मारक का काम बुधवार से शुरू होनेवाला था, परंतु नौका दुघर्टना के कारण समारोह रद्द कर दिया गया। दूसरी ओर टेंडर प्रक्रिया में घपले का आरोप लगा है। विधान परिषद में विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे ने छत्रपति शिवाजी महाराज के अंतरराष्ट्रीय स्मारक कृति व समन्वय समिति के अध्यक्ष विनायक मेटे द्वारा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखे गए एक पत्र का हवाला दिया है। मेटे ने अपनी चिट्ठी में निविदा प्रक्रिया को गैर-कानूनी और लेनदेन का आरोप लगाया है। मुंडे ने मेटे का पत्र अपने ट्वीटर एकाउंट पर पोस्ट किया है। मुंडे के मुताबिक परियोजना के 3826 करोड़ रुपए लागतवाले पहले चरण के काम में यह आरोप है। समिति सरकारी है, लिहाजा यह आरोप अधिप्रमाणित हो जाता है।  परियोजना को प्रशासकीय और तकनीकी मंजूरी नहीं होने के बावजूद वर्क आर्डर दिया गया है। लेनेदेन करते हुए कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन और मूल निविदा उल्लेखित काम में कई बदलाव किए गए हैं। लागत खर्च कम बताया जा रहा है क्योंकि कार्य कम किए जाने से कीमत कम हुई है। वर्क आर्डर देने में जल्दबाजी दिखाई गई है।
मुंडे के मुताबिक लेखापाल की शिफारस की दुर्लक्षित किया गया है। फर्जी हलफनामें तैयार किए गए हैं। करारनामा, वर्क ऑर्डर देने के लिए मंत्रालय स्तर पर संबंधित अधिकारियों पर दबाव बनाया गया है। कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए हथकंडे अपनाए गए हैं। उच्चाधिकारी समिति और देखरेख समिति को अंधेरे में रखने का उल्लेख मेटे ने अपने पत्र में किया है। इतना ही नहीं समिति अध्यक्ष मेटे ने मुख्यमंत्री से घोटाले की जांच कराने की मांग की है। मुंडे ने सवाल उठाया है कि  मुख्यमंत्री ने क्या जांच कराई है। मुंडे ने मामले की न्यायिक जांच कराने और जिन अधिकाऱियों आरोप लगे हैं, उन्हें पद से हटाने की मांग की है। पूरी निविदा प्रक्रिया रद्द करके फिर से निविदा मंगाने की मांग की गई है। यदि ठेकेदार कंपनी एलएण्डटी दोषी पाए जाती है, तो उसे काली सूची में डालने की मांग मुंडे ने की है।
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