नियमों का उल्ललंघन करनेवाले 29 सोनोग्राफी सेंटर किए गए सील

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मुंबई- नियमों का उल्लंघन करने वाले 29 सोनोग्राफी सेंटर को सील किया गया है। जबकि 21 सोनोग्राफी सेंटर के खिलाफ अदालती कार्रवाई शुरू है। यह जानकारी मंगलवार को विधान परिषद में स्वास्थ्य मंत्री दीपक सावंत ने दी।

राज्य में 8036 सोनोग्राफी सेंटर है। राज्य के सीमावर्ती जिले के लोग पड़ोसी राज्यों में जाकर गर्भलिंग जांच कराते हैं, इसकी शिकायतें मिली हैं। नियमानुसार यदि कोई पड़ोसी राज्य के सोनोग्राफी सेंटर में जाकर जांच कराता है, तो वहां के डॉक्टरों को मरीज से पूछना चाहिए कि आप कहां से आएं और कहां पर रहते हैं।

प्रश्नकाल में शिवसेना की नीलम गोर्हे ने प्रसव पूर्व गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (पीसीपीएनडीटी) अधिनियम को लागू करने को लेकर सवाल पूछा था। इसके जवाब में सावंत ने कहा कि राज्य में 8036 सोनोग्राफी सेंटर है। राज्य के सीमावर्ती जिले के लोग पड़ोसी राज्यों में जाकर गर्भलिंग जांच कराते हैं, इसकी शिकायतें मिली हैं। नियमानुसार यदि कोई पड़ोसी राज्य के सोनोग्राफी सेंटर में जाकर जांच कराता है, तो वहां के डॉक्टरों को मरीज से पूछना चाहिए कि आप कहां से आएं और कहां पर रहते हैं। इसी आधार फार्म भरा जाना चाहिए। सावंत ने कहा कि सोनोग्राफी सेंटर में विभिन्न जांच के लिए आधार कार्ड दिखाना अनिवार्य नहीं है। आधार कार्ड के लिए विभिन्न दस्तावेजों को दिखाना पड़ता है। इसमें आधार कार्ड को विकल्प के रूप में शामिल किया गया है।
 

ग्राम पंचायतों के लिए आपले सरकार सेवा केंद्र शुरू करना बंधनकारक नहीं  

एक दूसरे सवाल पर ग्राम विकास राज्यमंत्री दादाजी भुसे ने कहा कि ग्राम पंचायतों को आपले सरकार सेवा केंद्र शुरू करने का बंधन नहीं है। ग्राम पंचायतें अपनी इच्छानुसार आपले सरकार सेवा केंद्र शुरू करने का फैसला ले सकती हैं। भुसे ने कहा कि सेवा केंद्र शुरू करने के लिए ग्राम पंचायतों को प्रस्ताव मंजूर करना होता है। इसके आधार पर ग्राम पंचायतों में सेवा केंद्र शुरू किए जाते हैं। राज्य में 27 हजार 856 ग्राम पंचायतें हैं। इसमें से 20 हजार 460 ग्राम पंचायतों में सेवा केंद्र शुरू हैं। इस दौरान सभापति रामराजे निंबालकर ने कहा कि ग्राम पंचायतों में सेवा केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। लेकिन इंटरनेट सेवा के लिए जो स्पीड होनी चाहिए वह नहीं मिल पा रही है। सभापति ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में जियो का दायरा बढ़ा है। इसलिए संभव हुआ तो सरकार रिलायंस कंपनी से सेवा केंद्रों के नियमित खर्च के लिए सीएसआर के माध्यम से निधि उपलब्ध कराने की व्यवस्था कराए। प्रश्नकाल में कांग्रेस के सतेज पाटिल ने इस संबंध में सवाल पूछा था।
 
निजी कंपनी के सहयोग से करेंगें तीर्थस्थलों का प्रचार-प्रसार 
अमरावती के चिखलदरा श्रीक्षेत्र बहिराम में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए निजी कंपनी की मदद से विज्ञापनों के जरिए प्रचार-प्रसार किया जाएगा। यह जानकारी पर्यटन मंत्री जयकुमार रावल ने मंगलवार को विधान परिषद में दी। प्रश्नकाल में भाजपा के अनिल सोले और अन्य सदस्यों ने इस संबंध में सवाल पूछा था। इसके जवाब में पर्यटन मंत्री रावल ने यह जानकारी दी। रावल ने कहा कि चिखलदरा में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार के संबंधित विभागों की मदद ली जाएगी। चिखलदरा के विकास के लिए 1 करोड़ 7 लाख रुपए खर्च किए जा रहे हैं। श्री क्षेत्र कौंडण्यपुर के विकास के लिए 20 करोड़ का प्रारूप मंजूर किया गया है। संत गाडगेबाबा समाधि स्थित ( वलगांव) 37.87 करोड़ रुपए का प्रारूप मंजूर किया गया है। 
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