‘स्पर्श’ से बिजली की बचत

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मुंबई- राज्य सरकार ने बिजली बचाने के लिए नई योजना शुरू की है। ‘स्पर्श’ (सोलर पॉवर एंड रिनोवेटिव सस्टेनेबल हब) परियोजना के माध्यम से प्रदेश की सभी सरकारी इमारतों और दफ्तरों में सौर उपकरण लगाए जाएंगे। अभी तक राज्य के 1269 सरकारी इमारतों में ऊर्जा कार्यक्षम उपकरण लगाए जा चुके हैं। राज्य सरकार का दावा है कि इससे 1 अप्रैल तक तकरीबन 10 लाख युनिट विद्युत उपयोग में कमी आई है। साथ ही बिजली बिल में 92.68 लाख रुपए की बचत हुई है। उपक्रम के प्रथम चरण में सरकारी इमारतों के 2 लाख ट्यूबलाईट, 75 हजार पंखे और 1600 वातानुकुलित यंत्र बदल दिए गए हैं।

योजना के दूसरे चरण में सभी सरकारी इमारतों के छत पर और इमारत परिसर की खुली जगह पर सौर ऊर्जा निर्माण संयंत्र लगाए जाएंगे। सरकारी इमारतों में सौर विद्युत निर्माण की जाएगी। सरकारी इमारतों के विद्युत मीटर “Net Metering”  पध्दति से लगाए जाएंगे। जिस कारण विद्युत देयकों में बड़े पैमाने पर बचत होगी।

लोकनिर्माण विभाग की ओर से सरकारी इमातों के पुराने विद्युत उपकरण बदलकर ऊर्जा सक्षम उपकरण लगाने के लिए ‘स्पर्श’ योजना चलाई जा रही है।  पहले चरण में सभी गैर सरकारी इमारतों में पुराने ट्यूबलाईट, फैन, वातानुकुलित यंत्र बदलकर ऊर्जा बचत करनेवाले नए उपकरण लगाए जा रहे हैं। योजना के दूसरे चरण में सभी सरकारी इमारतों के छत पर और इमारत परिसर की खुली जगह पर सौर ऊर्जा निर्माण संयंत्र लगाए जाएंगे। सरकारी इमारतों में सौर विद्युत निर्माण की जाएगी। सरकारी इमारतों के विद्युत मीटर “Net Metering”  पध्दति से लगाए जाएंगे। जिस कारण विद्युत देयकों में बड़े पैमाने पर बचत होगी। इसके लिए प्राथमिक सर्वेक्षण किया गया है और उसके अनुसार करीबन 450 मेगावाट सौर ऊर्जा निर्माण करने का लक्ष्य रखा गया है।

पीडब्ल्यूडी की विद्युत शाखा विद्युत उपकरणों की देखरेख और मरम्मत करती है। पुराने उपकरणों से अधिक बिजली खर्च होती है और बिल भी ज्यादा आता है। केंद्र सरकार ‘ईईएसएल’ कंपनी के साझे में इस योजना को आगे बढ़ा रही है। राज्य सरकार  और केंद्र सरकार ‘ईईएसएल’ कंपनी के बीच  24 अक्तूबर 2017 को करार हुआ थी। इस योजना में  307 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। बिजली बिल बचत से तकरीबन 70 फीसदी राशि ईईएसएल कंपनी को हर तीन महीने में चरणबद्ध तरीके से दी जाएगी। अगले पांच साल तक 20 चरणों में कंपनी को भुगतान किाया जाएगा।

पीडब्ल्यूडी मंत्री चंद्रकांत पाटिल के मुताबिक सरकारी इमारतों के उपकरणों से बड़े पैमाने पर विद्युत एवं विद्युत बिल पर खर्च होता है। इस कारण स्पर्श उपक्रम चलाया जा रहा है। साल भर में करीब 120 दशलाख युनिट्स बिजली की बचत होगी। साल भर में तकरीबन 114 करोड़ रुपए की बचत होगी। ‘स्पर्श’ योजना के अंतर्गत नागपुर के राजभवन, विधानभवन, रवी भवन, विधायक निवास, हैद्राबाद हाऊस, पुणे स्थित राजभवन, सेंट्रल बिल्डिंग, जिला अस्पताल, सोलापुर स्थित सरकारी अस्पताल, मुलुंड स्थित बीमा अस्पताल, मुंबई स्थित निर्माणकार्य भवन, जीटी अस्पताल, ठाणे जिलाधिकारी कार्यालय,कोल्हापुर स्थित सीपीआर अस्पताल, मध्यवर्ती प्रशासकीय भवन और औरंगाबाद स्थित हाई कोर्ट इत्यादि सरकारी इमारतों का समावेश किया गया है।

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